बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। उसूर थाना क्षेत्र के कस्तूरीपाड़ गांव में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी (IED) की चपेट में आने से एक निर्दोष ग्रामीण की जान चली गई। नक्सलियों की इस साजिश ने एक बार फिर बस्तर के मासूम आदिवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लकड़ी लेने जंगल गया था ग्रामीण
मिली जानकारी के अनुसार, कस्तूरीपाड़ निवासी आयता कुहरामी रोजमर्रा की तरह पास के जंगल में लकड़ी लेने गया था। उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि जंगल के रास्तों पर मौत का जाल बिछाया गया है। जैसे ही उसका पैर नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी पर पड़ा, एक जोरदार धमाका हुआ।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
धमाका इतना शक्तिशाली था कि आयता गंभीर रूप से घायल हो गया। विस्फोट की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। लहूलुहान हालत में आयता को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
एसपी जितेंद्र यादव ने जारी की चेतावनी
बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने इस घटना की पुष्टि करते हुए ग्रामीणों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा “नक्सली सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए जंगलों और पगडंडियों पर आईईडी बिछाते हैं, लेकिन अक्सर इसकी चपेट में निर्दोष ग्रामीण आ जाते हैं। लोग जंगलों या दुर्गम इलाकों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगाएं और तुरंत पास के पुलिस कैंप को सूचित करें।”









