Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

एक साल बाद जेल से बाहर आए कवासी लखमा, समर्थकों ने गोंडी डांस से किया स्वागत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को बुधवार को बड़ी राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। लखमा करीब एक साल 14 दिन से न्यायिक हिरासत में थे। इस मामले में उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने अलग-अलग गिरफ्तार किया था।

जैसे ही लखमा की रिहाई की खबर फैली, रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई। उन्हें लेने उनकी पत्नी बुधरी लखमा स्वयं जेल पहुंचीं। पति की रिहाई की पुष्टि होते ही बुधरी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। समर्थकों ने बताया कि बुधरी को आखिरी समय तक विश्वास नहीं हो रहा था कि बुधवार को उनके पति जेल से बाहर आ जाएंगे।

बस्तर के नृत्य दलों ने किया पारंपरिक स्वागत

कवासी लखमा की रिहाई को लेकर जेल परिसर के बाहर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बस्तर से आए पारंपरिक नृत्य दलों ने गोंडी नृत्य की प्रस्तुति दी। ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ समर्थकों ने खुशी का इजहार किया। कोंटा विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी रायपुर पहुंचे थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कुछ समय के लिए जेल रोड को वन-वे कर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया।

इन शर्तों पर मिली अंतरिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को निम्न शर्तों के साथ अंतरिम जमानत प्रदान की है—

  • मामले की सुनवाई पूरी होने तक वे छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से बाहर रहेंगे
  • अपना पासपोर्ट संबंधित कोर्ट में जमा कराना होगा
  • जहां भी निवास करेंगे, उसकी जानकारी कोर्ट को देनी होगी
  • जांच एजेंसी द्वारा बुलाए जाने पर पूछताछ में उपस्थित होकर सहयोग करना होगा
  • वे केवल सुनवाई की तारीखों पर ही रायपुर आ सकेंगे

विधानसभा सत्र में शामिल होने अध्यक्ष की अनुमति जरूरी

शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए गए कवासी लखमा वर्तमान में कोंटा से विधायक हैं। विधानसभा के आगामी बजट सत्र में शामिल होने के लिए उन्हें विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेनी होगी। अध्यक्ष द्वारा आवेदन पर विचार करने के बाद ही उन्हें सत्र में भाग लेने की इजाजत मिल सकेगी।

लखमा की पत्नी बुधरी कवासी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पति के जेल में रहने के दौरान वे लगातार मानसिक तनाव में थीं।
उन्होंने कहा, “चारदीवारी के अंदर पति को बंद देखकर मन घबरा जाता था। दिन-रात यही चिंता रहती थी कि उनकी रिहाई कब होगी।”
बुधरी ने बताया कि तनाव के कारण उन्होंने खाना कम कर दिया था, जिससे उनका वजन भी घट गया।

ईडी के आरोप: शराब सिंडिकेट की अहम कड़ी थे लखमा

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि कवासी लखमा शराब घोटाला सिंडिकेट की एक अहम कड़ी थे। ईडी के मुताबिक, उनके निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था और उन्हें इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलता था। एजेंसी का दावा है कि शराब नीति में बदलाव और एफएल-10 लाइसेंस की शुरुआत में लखमा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


Related Posts

जंगल में मिट्टी के अंदर दफन मिली युवक की सड़ी-गली लाश, हत्या की आशंका; जांच में जुटी पुलिस और FSL टीम

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के मोहरसोप चौकी क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज…

CG NEWS: कलयुगी बेटे ने कुल्हाड़ी से की माता-पिता की हत्या, शवों को बोरी में भरकर ठिकाने लगाने की थी तैयारी

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले…

1 of 455