ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिकी-इजराइली हमले में मारे गए थे. उनकी मौत 28 फरवरी को हुई थी. अब 4 चार महीने बाद उनका अंतिम संस्कार होगा, जो कि 5 से 9 जुलाई तक होगा. इसमें शामिल होने के लिए ईरान के राष्ट्रपति पीएम मोदी को बुलाया है. डिप्लोमैटिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बुलाया है. हालांकि, पीएम को बुलाए जाने के बारे में दिल्ली से कोई कन्फर्मेशन नहीं है.
बता दें कि अब तय की गई तारीख से पहले अली खामेनेई का अंतिम संस्कार पहले मार्च में होना था. हालांकि, इसे टाल दिया गया था क्योंकि ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल की लड़ाई लंबी खिंच गई थी. अब यह कार्यक्रम तेहरान में होगा. 86 साल के खामेनेई फरवरी में अपने परिसर पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए थे.
रुहोल्लाह की मौत के बाद खामेनेई ने संभाली थी कमान
खामेनेई ने 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद ईरान की कमान संभाली थी. खुमैनी ने ही एक दशक पहले इस्लामिक क्रांति की अगुवाई की थी. जहां खुमैनी उस क्रांति के पीछे की वैचारिक ताकत थे, जिसने पहलवी राजशाही के शासन को खत्म किया, वहीं खामेनेई ने सैन्य और अर्ध-सैन्य ढांचे को आकार दिया.
कब और कैसे हुई थी अली खामेनेई की मौत?
खलीज टाइम्स के मुताबिक, अयातुल्ला खामेनेई अपने आवास में रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी के साथ बैठक कर रहे थे. इसी दौरान अमेरिका और इजराइल ने उनके ठिकाने पर भीषण बमबारी की थी. ये हमला इतना भीषण था कि अली खामेनेई की मौके पर ही मौत हो गई थी.
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, हमले के बाद अली खामेनेई के शव को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को दिखाया गया था. खामेनेई का शव क्षत-विक्षत हो गया था. उनके शव को मलबे से निकाला गया. इसके बाद तस्वीर ली गई, जो कि राष्ट्रपति ट्रंप को भेजी गई.








