बीजापुर। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के थाना भैरमगढ़ अंतर्गत इंद्रावती क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के आधार पर जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम ने गुरुवार सुबह से सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान जवानों का माओवादियों से आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग होने लगी।
मुठभेड़ की पुष्टि, ऑपरेशन जारी
एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना ने पुलिस-नक्सली मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि अभियान अभी जारी है। सुरक्षा कारणों से फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। ऑपरेशन के पूर्ण होने के बाद ही मुठभेड़ से संबंधित बरामदगी, नुकसान और अन्य विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे।
अतिरिक्त बल अलर्ट, इलाके में हाई अलर्ट
मुठभेड़ स्थल की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन को आगे बढ़ा रहे हैं। घना जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पुलिस के अनुसार, आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। DRG के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल किसी प्रकार के नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों से जंगल न जाने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन पूरी रणनीतिक योजना के तहत चलाया जा रहा है और जवानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। माओवादियों की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार सर्च अभियान चलाए जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर जंगल से सटे गांवों के ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल क्षेत्र की ओर न जाएं।
सुकमा में भी मुठभेड़, तीन नक्सली ढेर
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सुकमा जिले के गोलापल्ली थाना क्षेत्र के गोंदीगुड़ा जंगल में भी डीआरजी और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस कार्रवाई में एक महिला माओवादी सहित तीन नक्सली मारे गए थे, जिनमें दो पुरुष नक्सली एसीएम रैंक के इनामी माओवादी बताए गए थे।
फिलहाल बीजापुर और आसपास के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और ऑपरेशन जारी है।








