रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून (पावस) सत्र के पहले ही दिन सदन में जमकर हंगामा और राजनीतिक गतिरोध देखने को मिला। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष (कांग्रेस) द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को अंततः मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
स्थगन प्रस्ताव नामंजूर होने पर विपक्ष का भारी हंगामा
सत्र की शुरुआत में कांग्रेस विधायकों ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं और चंदा चोरी का आरोप लगाते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। इस पर दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस शुरू हो गई। दोनों ओर से आ रहे तीखे तर्कों के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया।
प्रस्ताव नामंजूर होते ही विपक्षी सदस्य गर्भगृह के पास आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के दौरान ही भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सीधे सवाल किया, “आपने राम मंदिर के लिए कितना दान दिया है?” इस पर भूपेश बघेल ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या को 1 लाख 21 हजार रुपये की राशि दान में दी है।
भारी नारेबाजी और शोर-शराबे को देखते हुए अध्यक्ष ने पहले सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित किया। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा शांत नहीं हुआ, जिसके कारण सदन को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
शोक संदेश के साथ हुई थी सत्र की शुरुआत, तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि
इससे पहले, मानसून सत्र की कार्यवाही परंपरा के अनुसार शोक संदेश के साथ प्रारंभ हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विश्वविख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कला, संस्कृति और लोक परंपरा के क्षेत्र में तीजन बाई के अमूल्य योगदान को याद किया।
सदन के सभी सदस्यों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य सदस्यों ने उनके निधन को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि पंडवानी गायन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली तीजन बाई का योगदान हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।










