रायपुर। छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में दाखिले की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब छात्र-छात्राएं 19 सितंबर तक कॉलेजों में प्रवेश ले सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। प्रवेश की समय-सीमा बढ़ने से उन विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश अब तक दाखिला नहीं ले पाए हैं।
यह दूसरी बार है जब प्रदेश में कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। शुरुआत में दाखिले की अंतिम तिथि 14 अगस्त निर्धारित की गई थी। इसके बाद इसे अगस्त के अंत तक बढ़ाया गया और अब एक बार फिर विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर दिया गया है।
खाली सीटों को देखते हुए बढ़ाई गई तारीख
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई कॉलेजों में सीटें अभी भी रिक्त हैं। साथ ही कई छात्र-छात्राएं आवेदन के बावजूद अब तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सरकार प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी मेधावी या इच्छुक विद्यार्थी का साल खराब न हो, इसी सोच के साथ प्रवेश की तारीख बढ़ाई गई है।
छात्रों के लिए आखिरी मौका
प्रवेश की तारीख बढ़ने से उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जो निर्धारित समय सीमा में कॉलेज में दाखिला नहीं ले सके थे। ऐसे विद्यार्थियों से जल्द से जल्द प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बताई जा रही है, जबकि कई निजी महाविद्यालयों में सीटें अब भी खाली हैं।
रविवि ने पहले जारी किया था अलग आदेश
इधर, उच्च शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेश की तारीख बढ़ाने का आदेश जारी होने से पहले ही शुक्रवार को रविवि (पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय) ने एक अलग आदेश जारी किया था।
रविवि ने महाविद्यालयों से कहा था कि निर्धारित समय सीमा में प्रवेश नहीं लेने वाले छात्रों को प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय न भेजें। विश्वविद्यालय के अनुसार, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई थी।
इस अवधि के बाद कई महाविद्यालयों द्वारा छात्रों को विशेष अनुमति के लिए विश्वविद्यालय से संपर्क करने के लिए कहा जा रहा था। अब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेश की समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद छात्रों और कॉलेजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कॉलेजों को सूची भेजने से भी किया गया था मना
रविवि के मुताबिक, कई महाविद्यालयों में सीटें रिक्त होने की स्थिति में निर्धारित तिथि समाप्त होने के बाद ऑफलाइन आवेदन करने वाले छात्रों की सूची विशेष अनुमति के लिए विश्वविद्यालय भेजी जा रही थी।
विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों को निर्देश दिया था कि शासन द्वारा निर्धारित प्रवेश तिथि समाप्त होने के बाद प्रवेश से संबंधित किसी भी प्रकार का आवेदन विश्वविद्यालय को न भेजें। साथ ही ऐसे छात्रों को भी विश्वविद्यालय में विशेष अनुमति के लिए संपर्क या पत्राचार नहीं करने के लिए निर्देशित करने को कहा गया था।
अब उच्च शिक्षा विभाग के नए आदेश के बाद 19 सितंबर तक प्रवेश की अनुमति मिलने से इस पूरी स्थिति में बदलाव आएगा और पात्र छात्र निर्धारित अवधि में कॉलेज में दाखिला ले सकेंगे।










