हैदराबाद, 18 मई। वैश्विक बाजारों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के बीच आज भारतीय सर्राफा बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को घरेलू खुदरा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मामूली कमजोरी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने कीमती धातुओं की मांग पर दबाव बनाया है।
वायदा बाजार (MCX) का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई:
- सोना (जून वायदा): सुबह करीब 9:17 बजे इसमें 0.46% की गिरावट देखी गई और यह ₹1,57,538 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
- चांदी (जुलाई वायदा): चांदी में 1.24% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह टूटकर ₹2,68,511 प्रति किलोग्राम पर आ गया।
देश के प्रमुख महानगरों में आज के खुदरा भाव (18 मई 2026)
स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतें भिन्न हैं। आज देश के बड़े शहरों में खुदरा दरें इस प्रकार रहीं:
| शहर | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 999 शुद्ध चांदी (प्रति किलोग्राम) |
| दिल्ली | ₹1,58,410 | ₹1,45,209 | ₹2,70,120 |
| मुंबई | ₹1,58,680 | ₹1,45,457 | ₹2,70,590 |
| बेंगलुरु | ₹1,58,800 | ₹1,45,567 | ₹2,70,800 |
| कोलकाता | ₹1,58,470 | ₹1,45,264 | ₹2,70,230 |
| हैदराबाद | ₹1,59,260 | ₹1,45,988 | ₹2,72,230 |
| चेन्नई | ₹1,59,470 | ₹1,46,181 | ₹2,72,590 |
नोट: खुदरा आभूषण खरीदने पर ग्राहकों को इस घोषित कीमत के अलावा जीएसटी (GST) और मेकिंग चार्जेस (घड़ाई शुल्क) अलग से देना होगा।
गिरावट की मुख्य वजहें: कच्चा तेल और डॉलर में मजबूती
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों ने सर्राफा बाजार के रुख को बदल दिया है:
- मजबूत होता डॉलर: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने अमेरिकी डॉलर की मांग को बढ़ा दिया है, जिससे डॉलर इंडेक्स में 0.10% से अधिक की तेजी आई। डॉलर के मजबूत होने से विदेशी खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित हुई।
- मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर ड्रोन हमले और सऊदी अरब द्वारा तीन ड्रोनों को मार गिराए जाने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 1.98% बढ़कर 111.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई चेतावनी के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने का खतरा बढ़ गया है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
पेरिस में आज होने जा रही जी-7 (G7) देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक पर दुनिया भर के बाजारों की नजरें टिकी हैं। यूरोग्रुप के अध्यक्ष क्यारीकोस पिएराकाकिस ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व का यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे आने वाले दिनों में सोने और चांदी के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।









