रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा नहीं हो सकी, जो संविधान का अपमान है। पीएम ने इसे आदिवासी परिवार से आई महिला राष्ट्रपति का अपमान करार दिया।
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में हुई घटना का हवाला देते हुए बताया कि सदन में कागज फेंके गए, जिसमें असम और आंध्र प्रदेश के सांसद शामिल थे। उन्होंने इसे देश और कलाप्रेमियों के अपमान के रूप में बताया।
पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहा, जो सिख समुदाय और उनके गुरुओं का अपमान है। पीएम ने कहा कि राहुल गांधी का यह आचरण सिखों के प्रति घृणा और राजनीतिक अहंकार का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने बिट्टू के परिवार और जीवन की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता और परिवार ने देश के लिए शहादत दी है, जबकि राहुल गांधी ने उनके साहस और बलिदान का अपमान किया। पीएम ने इसे राजनीतिक द्वेष और अनुचित व्यवहार बताया।
इससे पहले बुधवार को संसद के मकर द्वार के बाहर राहुल गांधी और बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार’ कहा और बिट्टू ने जवाब में उन्हें ‘देश का दुश्मन’ बताया। इस घटना के बाद भाजपा ने राहुल गांधी पर पूरे सिख समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया और लोकसभा अध्यक्ष से कड़ी कार्रवाई की मांग की।









