महासमुंद (बसना)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। सिंघोड़ा पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए करोड़ों रुपये का गांजा बरामद किया है। पुलिस की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले तस्करी के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।
खाली कैरेट के नीचे बना रखा था ‘सीक्रेट चैंबर’
तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद हाईटेक तरीका अपनाया था। गाड़ी में ऊपर से देखने पर सिर्फ खाली कैरेट नजर आ रहे थे, लेकिन जब पुलिस ने बारीकी से तलाशी ली, तो उन कैरेटों के नीचे छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस की सतर्कता ने तस्करों की इस चालाकी को फेल कर दिया।
1 करोड़ 14 लाख का गांजा बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 226 किलो गांजा जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 14 लाख रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान को मिलाकर कुल 1 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
ओडिशा से महाराष्ट्र का था कनेक्शन
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा से लेकर आ रहे थे और इसे महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में खपाने की तैयारी थी।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
सिंघोड़ा पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इस तस्करी के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।









