तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर कृष्णानगर स्थित उनके ऑफिस पर अंडे और सब्जियां फेंककर हमला करने का आरोप लगाया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर मोइत्रा ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक बड़ी भीड़ उनपर अंडे फेंकती हुई दिखाई दे रही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस की निगरानी में बीजेपी के गुंडे मुझ पर हमला कर रहे हैं. मोइत्रा ने कहा, ‘देखिए क्या हो रहा है. पुलिस की निगरानी में यह बीजेपी की भीड़ है. मैं पिछले एक घंटे से यहां खड़ी हूं. मैंने डीजीपी और बाकी सभी को फोन किया है, लेकिन पुलिस बैठी देख रही है. सीआरपीएफ भी देख रही है’.
वीडियो में उन्होंने आगे कहा, ‘यह मेरा इलाका है. मैं यहां की सांसद हूं. मैं अपने ऑफिस में हूं. मैं यहां से नहीं हिलने वाली. कृपया उनके चेहरे देखिए. कल पश्चिम बंगाल सरकार इससे इनकार करेगी. कोई पुलिस संज्ञान नहीं लेगी. कोई अदालत संज्ञान नहीं लेगी. सीआरपीएफ सब देख रही है’.
‘अंडे फेंकने की सभी घटनाओं में पुलिस दर्ज करे FIR’
दिलचस्प बात ये है कि यह घटना तब घटी है, जब मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अलग-अलग मामलों में आरोपी व्यक्तियों या राजनीतिक विरोधियों पर अंडे फेंकने की सभी घटनाओं में पुलिस एफआईआर दर्ज करे.
दरअसल, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आरोपी व्यक्तियों और राजनीतिक विरोधियों पर अंडे फेंकने की समस्या को रोकने के लिए निर्देश मांगने वाली एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक चीफ जस्टिस तपब्रता चक्रवर्ती और जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी की खंडपीठ ने कहा कि किसी आरोपी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों को छीना नहीं जा सकता है.










