छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गेदारापारा और बागडोंगरी के रहने वाले दो मछुआरों के तेज जलप्रवाह में बह जाने के मामले में रविवार को गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की गोताखोर टीम ने दोनों के शव सफलतापूर्वक खोज निकाले हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में शोक का माहौल है।
कैसे हुई दुर्घटना?
गेदारापारा निवासी देवकरण और लोकेश मांडवी रिश्ते में मामा-भांजे थे। बीते 12 सितंबर को देर शाम दोनों गेदारापारा स्थित रपटा (चेक डेम) के पास मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान अचानक एक व्यक्ति का पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। उसे बचाने के चक्कर में दूसरा व्यक्ति भी तेज बहाव में बह गया। रात का समय होने और बहाव तेज होने के कारण शुरुआती खोजबीन में उनका कुछ पता नहीं चल सका था।
गोताखोर टीम ने 100 मीटर की दूरी पर खोजे शव
रविवार सुबह ग्रामीणों की सूचना पर सतवंत कुमार महिलांग के नेतृत्व में गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन की गोताखोर टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर झाड़ियों में फंसे दोनों शवों को बरामद कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
जिला प्रशासन की सख्त अपील और कलेक्टर का संदेश
लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है। गंगरेल बांध के 7 गेट खोले जाने के कारण महानदी और आसपास के नालों में जलस्तर बढ़ गया है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है”, इसलिए नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। आपात स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।










