छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ शहर में जर्जर सड़कों और गड्ढों के कारण आम नागरिकों और वाहन चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ गई हैं। बारिश के मौसम ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है और आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। शहर के विभिन्न हिस्सों में की गई पड़ताल में 200 से अधिक गड्ढे सामने आए हैं, जिसके बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रमुख मार्गों पर गड्ढों और बदहाली की स्थिति
राज फैमिली चौक से नाका: इस मुख्य मार्ग पर करीब 55 गड्ढे और सरस्वती शिशु मंदिर मार्ग पर 8 गड्ढे हैं। कई हिस्सों में सड़क पर गहरी दरारें और उखड़ी हुई गिट्टियां वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
गंजीपारा और जमातपारा: गंजीपारा क्षेत्र में लगभग 26 और जमातपारा में 8 गड्ढे सड़क की खस्ताहालता को बयां कर रहे हैं। यहां से गुजरने वाले वाहनों में कंपन तक महसूस होता है।
सिविल लाइन: इस क्षेत्र में करीब 10 गड्ढे और कई जगहों पर क्रैक व दरारें पाई गई हैं, जिनकी समय रहते मरम्मत न होने पर स्थिति और बिगड़ सकती है।
दाऊचौरा क्षेत्र: हाईवे और बस्ती क्षेत्र को मिलाकर यहां लगभग 40 गड्ढे हैं। बड़े पुल की शुरुआत और उसके ऊपर जलभराव के साथ बने गड्ढे बारिश में बेहद खतरनाक हो जाते हैं।
किल्लापारा-पिपरिया मार्ग: जनप्रतिनिधियों और बाहरी यात्रियों के आवागमन वाले इस व्यस्त मार्ग पर करीब 46 गड्ढे मौजूद हैं, जिससे वीवीआईपी मूवमेंट वाले रास्ते की बदहाली साफ झलकती है।
इतवारी बाजार: बाजार के मुख्य मार्ग पर गड्ढों के साथ भारी जलभराव की समस्या है, जिससे दिनभर निकलने वाले लोगों और वाहनों के पहिए अचानक गहरी खाइयों में चले जाते हैं।
बक्शी मार्ग: इस रास्ते पर भी करीब 8 गड्ढे हैं, जो विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए अत्यधिक जोखिम भरे साबित हो रहे हैं।
अस्पताल और विश्वविद्यालय मार्ग: अंबेडकर चौक से इंदिरा सिंह कला एवं संगीत विश्वविद्यालय और अस्पताल तक जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर लगभग 17 गड्ढे हैं।
सरकारी अस्पताल परिसर: स्वास्थ्य लाभ के लिए दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल परिसर के भीतर ही करीब 23 गड्ढों का सामना करना पड़ता है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और जनता के सवाल
शहर के विभिन्न इलाकों में 200 से ज्यादा गड्ढों और जर्जर सड़कों के बावजूद नगर पालिका की ओर से समय पर मरम्मत न कराए जाने से जनता में भारी रोष है। इस गंभीर समस्या और सड़कों की स्थिति सुधारने को लेकर तैयार की गई कार्ययोजना पर जब नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
बारिश के इस मौसम में खैरागढ़ की जनता बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित सफर के लिए अब नगर पालिका से ठोस और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रही है।










