बलौदाबाजार। Vishnu Deo Sai के दौरे के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब मुख्यमंत्री भोजन कक्ष की ओर बढ़े, उसी दौरान पंडाल में लगे एसी के आउटर यूनिट में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे अचानक धुआं उठने लगा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
गनीमत रही कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों और तकनीकी टीम ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बिजली कनेक्शन काट दिया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह घटना बड़े हादसे का रूप ले सकती थी।
पहले 500 करोड़ की सौगात, फिर अचानक हड़कंप
इससे पहले मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत प्रदेश के लगभग 5 लाख हितग्राहियों को करीब 500 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। प्रत्येक लाभार्थी को 10-10 हजार रुपए की सहायता दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और हितग्राही मौजूद थे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री भोजन के लिए पंडाल में पहुंचे, उसी दौरान एसी यूनिट में तकनीकी खराबी सामने आई।
तेज गर्मी और ओवरलोड से हुआ शॉर्ट सर्किट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज गर्मी और अधिक लोड के कारण एसी के बाहरी यूनिट के वायर में शॉर्ट सर्किट हुआ। वायर जलने लगा और धुआं उठने लगा। तकनीकी टीम ने तुरंत कनेक्शन काटकर आग फैलने से रोक दिया।
जिम्मेदारी को लेकर विभागों में खींचतान
घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने को लेकर विभागों में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। बिजली विभाग ने कहा कि उनका काम केवल कनेक्शन देना है, जबकि रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) की होती है। वहीं PWD ने वायरिंग और तकनीकी खामी के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया।
इस पूरे मामले में किसी भी विभाग ने स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी नहीं ली, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मीडिया के सवालों से बचते नजर आए अधिकारी
घटना के बाद कई अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। स्पष्ट जवाब देने के बजाय वे मौके से हटते दिखे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इतने बड़े और हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वीवीआईपी कार्यक्रमों में बिजली, फायर सेफ्टी और तकनीकी व्यवस्थाओं की कई स्तर पर जांच जरूरी होती है।
हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने यह साफ कर दिया है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।









