रायपुर। रायपुर के नकटी गांव में हुए बुलडोजर एक्शन और विस्थापन को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। इस पूरे मामले में बीजेपी के दिग्गज नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी ही सरकार और प्रशासन से बिल्कुल अलग और बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। सांसद अग्रवाल ने सीधे शब्दों में कहा है कि अधिकारियों ने रात के अंधेरे में जाकर जो तोड़फोड़ की है, वह किसी भी हाल में माफी के लायक नहीं है।
इस बयान के बाद प्रशासन और सरकार, दोनों बैकफुट पर नजर आ रहे हैं।
‘मैं आज भी अपने स्टैंड पर कायम, ग्रामीणों को न हटाया जाए’
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नकटी गांव के मुद्दे को बेहद संवेदनशील बताते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा:
“नकटी गांव का मामला आज का नहीं है। करीब एक साल पहले भी मैंने सरकार को इस संबंध में पत्र लिखकर मांग की थी कि यहाँ के ग्रामीणों को न हटाया जाए। आज भी मैं अपने उसी स्टैंड पर कायम हूँ। जहाँ जरूरत होती है, मैं वहां मजबूती से अपनी बात रखता हूँ। नकटी के निवासियों के हितों की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।”
अधिकारियों पर भड़के सांसद: ‘यह दुस्साहस बर्दाश्त नहीं’
सांसद अग्रवाल ने इस पूरी कार्रवाई के समय और तरीके पर बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुझसे बातचीत होने के बावजूद जिन लोगों ने रात के अंधेरे में गांव पहुंचकर मकानों को तोड़ा, उनका यह कृत्य पूरी तरह गलत और अमानवीय है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने ऐसा दुस्साहस किया है।
दूसरा मोर्चा: स्कूलों में मंत्रोच्चार पर कांग्रेस को घेरा
एक तरफ जहाँ नकटी मामले में सांसद ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों को रगड़ा, वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में मंत्रोच्चार को लेकर शुरू हुई सियासत पर कांग्रेस को करारा जवाब दिया। कांग्रेस द्वारा स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने पर उठाए गए सवालों पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा:
“विपक्ष की मानसिकता ही सिर्फ विरोध करने की हो चुकी है, इसलिए वह हर अच्छी बात टांग अड़ाता है। स्कूलों में मंत्रोच्चार कराने में आखिर गलत क्या है? यह हमारे सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जुड़ा विषय है। ऐसे पवित्र विषयों पर भी घटिया राजनीति करना कांग्रेस के दिवालियापन को दिखाता है।”
बड़ा सवाल: अब क्या करेगी सरकार?
नकटी गांव के विस्थापन को लेकर जहाँ एक तरफ भू-माफिया बनाम गरीब की जंग चल रही थी, वहीं अब रायपुर के सबसे कद्दावर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस ‘बागी’ और कड़े रुख ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।
जनता पूछ रही है: जब क्षेत्र के सांसद खुद इस कार्रवाई को गलत और अधिकारियों के कृत्य को ‘माफी के अयोग्य’ बता रहे हैं, तो क्या सरकार उन दोषी अफसरों पर गाज गिराएगी? और क्या बेघर हुए परिवारों को उनका हक वापस मिलेगा?










