बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के इंडस्ट्रियल क्षेत्र में मंगलवार 23 दिसंबर की देर शाम फर्नीचर फैक्ट्री में भीषण आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई। आग तब भड़की जब फैक्ट्री में तारपीन टैंकर खाली किया जा रहा था। घटना के समय फैक्ट्री में कई मजदूर और सुपरवाइजर मौजूद थे, जिनमें से दो लोग आग की चपेट में आ गए और जान गंवा बैठे।
कैसे लगी आग
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में लकड़ी के फर्नीचर को पालिश करने के लिए तारपीन का उपयोग किया जा रहा था। टैंकर खाली करने के दौरान मोटर से निकली चिंगारी तारपीन के टैंकर तक पहुंच गई। देखते ही देखते पूरे फैक्ट्री में आग फैल गई, जिससे तेज लपटें उठने लगीं और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा।
दमकल और पुलिस की कार्रवाई
आग लगने की सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कई दमकल वाहनों और फोम का प्रयोग कर कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के दौरान फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे मजदूर अपनी जान बचाकर भाग निकले, लेकिन दो लोग आग में फंस गए।
आग में फंसे लोग
- सुपरवाइजर रितेश शुक्ला आग की चपेट में आ गए और उनके कपड़ों में आग लग गई। उन्होंने किसी तरह जलते हुए बाहर निकलकर मदद मांगी। उन्हें चिंताजनक हालत में रायपुर के कालड़ा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
- मजदूर आयुष सूर्यवंशी फैक्ट्री में फंस गया। उसके बड़े भाई आशीष सूर्यवंशी और पिता घनश्याम सूर्यवंशी बाहर निकलने में सफल रहे। आग पर काबू पाने के बाद आयुष को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
फैक्ट्री और आसपास का हाल
घटना के दौरान फैक्ट्री में तेज लपटें और धुआं फैल गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई से आग का दायरा और फैलने से रोका जा सका।
जांच और कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की वजह सुरक्षा मानकों की अनदेखी और टैंकर में सावधानीपूर्वक निपटान न करना हो सकती है। पुलिस फैक्ट्री के प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ कर पूरी घटना की जांच कर रही है।
परिवार और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस हादसे में सुपरवाइजर और मजदूरों की मौत के बाद फैक्ट्री कर्मचारियों और उनके परिवारों में गहरा शोक और मातम फैल गया है। स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा की है और कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।










