बिलासपुर: NEET पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। शनिवार को सिविल लाइन थाने में भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी (नोट: मूल इनपुट में दर्ज विनोद जाखड़) और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय सहित कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के बंगले के घेराव का मामला
पुलिस द्वारा दर्ज मामले के अनुसार, यह पूरी घटना 3 जून की है। NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली के विरोध में कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता बिलासपुर स्थित केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के बंगले का घेराव करने के लिए निकले थे।
- कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़े प्रदर्शनकारी: पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को केंद्रीय मंत्री के बंगले तक पहुंचने से रोका, तो वे कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे।
- कानून-व्यवस्था पर असर: इस भारी विरोध-प्रदर्शन के चलते शहर के मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और कलेक्ट्रेट के आसपास कानून-व्यवस्था प्रभावित होने जैसी गंभीर स्थिति निर्मित हो गई थी।
इन नए कानूनों (BNS) के तहत दर्ज हुआ केस
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने अवैध रूप से मुख्य मार्ग को बाधित किया, सरकारी काम में रुकावट डाली और शहर में बलवा जैसी स्थिति पैदा की। इसी आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है:
- BNS की धाराएं: 126(2), 190, 191(2), 292 और 293।
इन बड़े नामों पर गिरी गाज
इस एफआईआर में कांग्रेस और छात्र संगठन के कई शीर्ष चेहरों को नामजद किया गया है:
- देवेंद्र यादव (विधायक, भिलाई)
- विनोद जाखड़ / वरुण चौधरी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, NSUI)
- नीरज पांडेय (प्रदेश अध्यक्ष, NSUI)
- सिद्धांशु मिश्रा (जिला शहर अध्यक्ष)
- इसके अलावा प्रदर्शन में शामिल अन्य स्थानीय नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है।
तनाव बरकरार: इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य में सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है। दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक नीट (NEET) मामले को लेकर कांग्रेस लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है, वहीं पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियों की तैयारी में जुट गई है।










