रायपुर। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेश के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के लिए नए दिशा-निर्देश (Petrol Diesel Sales New Rules) जारी कर दिए हैं।
नए आदेश के मुताबिक, अब ईंधन केवल सीधे वाहनों की टंकी में ही डाला जाएगा। ड्रम, बोतल और जेरीकेन जैसे खुले बर्तनों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम ईंधन की जमाखोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
किसानों को बड़ी राहत: खेती-किसानी के लिए विशेष छूट
राज्य शासन ने रबी फसल की कटाई और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए किसानों को इस कड़े नियम से विशेष राहत दी है।
- कंटेनर में डीजल की अनुमति: ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और सिंचाई पंपों के संचालन के लिए किसान खुले कंटेनर में डीजल ले सकेंगे।
- शर्त: इसके लिए किसानों को स्थानीय प्रशासन (तहसीलदार या संबंधित विभाग) से अनुमति लेनी होगी।
- अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कृषि कार्यों के लिए ईंधन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
निर्माण परियोजनाओं और आवश्यक सेवाओं को भी छूट
विकास कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी इस प्रतिबंध से बाहर रखा है:
| क्र. सं. | क्षेत्र / सेवा | नियम व शर्तें |
| 1. | निर्माण परियोजनाएं (रेलवे, सड़क, भवन आदि) | बड़े निर्माण कार्यों में प्रयुक्त मशीनों के लिए कंटेनर में डीजल मिलेगा। संबंधित जिला कलेक्टर आवश्यक परियोजनाओं की पहचान कर अनुमति जारी करेंगे। |
| 2. | स्वास्थ्य सेवाएं (अस्पताल और एम्बुलेंस) | जनरेटर आधारित आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए प्रशासन विशेष अनुमति देगा। |
| 3. | संचार व्यवस्था (मोबाइल टावर) | मोबाइल टावर संचालन के लिए आवश्यक जनरेटरों के लिए डीजल की आपूर्ति जारी रहेगी। |
नियम तोड़ने वाले पेट्रोल पंपों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले द्वारा जारी आदेश में साफ चेतावनी दी गई है कि ड्रम, बोतल या जेरीकेन में अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल बेचने वाले पंप संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा।
इन धाराओं के तहत दर्ज होगा केस:
नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ‘मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीजल (प्रदाय एवं वितरण विनियमन तथा अनाचार निवारण) आदेश 2005’ और ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ के तहत इसे अप्राधिकृत (अवैध) विक्रय मानते हुए सख्त कानूनी प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
यह आदेश पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी जिला कलेक्टरों को इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।










