पेपर लीक मसले पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है. मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना भूख हड़ताल खत्म कर दिया है. सोनम के हड़ताल खत्म करने से पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मसले पर सक्रिय हो गए थे. पिछले 24 घंटे पीएम ने अपने 2 मैसेज के जरिए यह साफ करने की कोशिश की कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है.
पीएम मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मामले में कल गुरुवार देर रात ऐलान किया कि अगले हफ्ते संसद में एक बिल पेश किया जाएगा, जिसमें पेपर लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान शामिल किए जाएंगे. करीब 3 मिनट के अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि बिल के ड्रॉफ्ट को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी, जिसमें प्रस्तावित कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा.
दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
सूत्रों के मुताबिक, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 में कई संशोधन हो सकते हैं. ये 21 जून 2024 से लागू है. इसको और कठोर किया जाएगा. आज 1 बजे होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है.
मामलों की सुनवाई के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान जोड़ा जा सकता है. फास्ट ट्रैक कोर्ट को अधिक अधिकार भी दिए जा सकते हैं. साथ ही सजा और जुर्माना भी बढ़ाया जा सकता है. अभी व्यक्तिगत मामलों में तीन से पांच साल की सजा और दस लाख रुपए तक का जुर्माना है. वहीं सर्विस प्रोवाइडर पर एक करोड़ तक का जुर्माना है. संगठित अपराध में पांच से दस साल की सज़ा और न्यूनतम एक करोड़ का जुर्माना है.
सख्त प्रावधानों वाला बिल लाएंगेः PM मोदी
उन्होंने यह भी कहा, “मंत्रिमंडल शुक्रवार को पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा करेगी और कैबिनेट के सहयोगियों के सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.” उन्होंने यह भी कहा कि सोमवार को जब संसद के मॉनसून सत्र का दूसरा हफ्ता शुरू होगा, तो पेपर लीक से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई के प्रावधानों वाला एक बिल लाया जाएगा और हम उसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश भी करेंगे.
पेपर लीक को बड़ी समस्या बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें मालूम है कि पेपर लीक कोई छोटी समस्या नहीं है. लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए ऐसी घटनाएं बहुत ही कष्टदायक होती हैं. इसलिए, जब से नीट पेपर लीक के मामले सामने आए हैं (करीब ढाई महीने पहले) तब से कई कड़े कदम उठाए गए हैं.
PM मोदी का फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का ऐलान
मामले से जुड़े दोषियों पर सख्त एक्शन की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा,”दोषियों को पकड़ लिया गया है. वे अब जेल में हैं. हमारी बड़ी जिम्मेदारी यह तय करने की थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो. ऐसे में जल्द से जल्द परीक्षा कराना जरूरी हो गया था. सभी संसाधनों का इस्तेमाल करके, सरकार ने यह तय किया कि 22 लाख छात्र फिर से परीक्षा में शामिल हो सकें.
इससे पहले गुरुवार सुबह ही पेपर लीक मामले पर बोलते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था, “युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.” उन्होंने यह भी कहा, “पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा. इस संबंध में जरूरी निर्देश भी दे दिए गए हैं.”
उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
सोनम वांगचुक को लेकर PM का पोस्ट
इसके अलावा पेपर लीक मामले में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने कल रात अपना अनशन खत्म कर दिया. 2 केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मुलाकात करने पहुंचे. दोनों मंत्रियों ने वांगचुक को सरकार की ओर से आश्वासन दिया. फिर उन्होंने अनशन खत्म कर दिया.
वांगचुक के अनशन खत्म करने पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए कहा, “मैं सोनम से अनुरोध करता हूं कि वह डॉक्टरों की सलाह मानें और अपना वजन फिर से पुरानी स्थिति में लाएं, मैं प्रार्थना करता हूं कि वह स्वस्थ रहें.”









