जगदलपुर। शहर के डिमरापाल स्थित शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय (मेकाज) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मरीज के परिजन ने अस्पताल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गनीमत रही कि समय पर इलाज मिलने से युवक की जान बच गई है, लेकिन इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
पत्नी की बीमारी से तनाव में था युवक
जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मण नामक युवक अपनी पत्नी का इलाज कराने अस्पताल आया था। उसकी पत्नी की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसे लेकर वह पिछले कुछ दिनों से अत्यधिक मानसिक तनाव में था। बताया जा रहा है कि पत्नी की बिगड़ती हालत को देख वह इतना हताश हो गया कि उसने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया।
बाथरूम की खिड़की तोड़कर कूदा
प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल सूत्रों के अनुसार लक्ष्मण फीमेल मेडिसिन वार्ड-1 के बाथरूम में गया। वहां उसने खिड़की में लगी लोहे की रॉड को मोड़ दिया। जगह बनाने के बाद वह खिड़की से सीधे तीसरी मंजिल से नीचे कूद गया। नीचे गिरते ही तेज आवाज हुई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना के तुरंत बाद अस्पताल के मुस्तैद स्टाफ ने घायल लक्ष्मण को उठाकर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि युवक को चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर है।
इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और भवन की मजबूती पर सवालिया निशान लग गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने अधिकारियों की तत्काल बैठक बुलाई और घटना की विस्तृत समीक्षा की। अधीक्षक ने निर्देश दिए हैं कि अस्पताल की सभी जर्जर खिड़कियों और टूटी ग्रिलों को तुरंत ठीक किया जाए। वार्डों और संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा कर्मियों की निगरानी बढ़ाने पर भी चर्चा की गई है ताकि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस तरह का कदम न उठा सके।










