रायपुर। बस्तर में जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट लोगों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद कुछ सुरक्षा श्रेणियों में बदलाव को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा सांसद महेश कश्यप ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए पार्टी नेताओं के बयानों में विरोधाभास होने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के पुराने बयानों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद बस्तर में कुछ लोगों की सुरक्षा को युक्तिसंगत बनाया गया है। उनके मुताबिक, यह क्षेत्र में सुधरते सुरक्षा हालात और नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का परिणाम है।
‘बघेल के बयान से अलग क्यों बोल रहे दीपक बैज?’
महेश कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुराने बयान का हवाला देते हुए दीपक बैज पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि जिस दिन बस्तर में नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा कम होगी, उस दिन माना जाएगा कि क्षेत्र नक्सल मुक्त हो गया है।
भाजपा सांसद ने सवाल उठाया कि जब सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद कुछ लोगों की सुरक्षा कम की गई है, तो कांग्रेस इस पर सवाल क्यों खड़े कर रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि दीपक बैज के मौजूदा बयान उनके ही वरिष्ठ नेता के पुराने बयान से अलग नजर आते हैं।
नक्सलियों की मौजूदगी पर बैज से मांगे प्रमाण
भाजपा सांसद ने दीपक बैज के बस्तर में नक्सलियों की मौजूदगी से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पास नक्सलियों के ठिकानों, गतिविधियों या उनकी मौजूदगी से जुड़ी कोई ठोस और प्रमाणिक जानकारी है, तो उसे सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करना चाहिए।
कश्यप ने कहा कि सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम हैं और किसी भी विश्वसनीय सूचना के आधार पर उचित कार्रवाई की जा सकती है।
‘भय और भ्रम की राजनीति बंद करे कांग्रेस’
महेश कश्यप ने कहा कि सुरक्षा से जुड़े फैसले राजनीतिक आधार पर नहीं, बल्कि सुरक्षा समीक्षा और उपलब्ध खुफिया इनपुट के आधार पर लिए जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर बस्तर में भय और भ्रम का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बस्तर में नक्सलवाद कमजोर हुआ है। साथ ही क्षेत्र तेजी से सामान्य जनजीवन की ओर बढ़ रहा है।
भाजपा सांसद ने कहा कि बस्तर में सुरक्षा और विकास से जुड़े बदलावों को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय जमीनी परिस्थितियों के आधार पर समझना चाहिए।










