Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

CG NEWS: भोरमदेव मंदिर परिसर बनेगा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर, 146 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजना को मिलेगी नई पहचान

छत्तीसगढ़ की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भोरमदेव मंदिर परिसर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। कवर्धा स्थित इस लगभग 1000 वर्ष पुराने मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की भव्य परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना का भूमिपूजन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में संभावित है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के शामिल होने की संभावना है।

यह भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार होगा, जब इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यापक और सुनियोजित रूप से विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत न सिर्फ मुख्य मंदिर परिसर बल्कि आसपास स्थित मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोधा दादर तक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र को एक धार्मिक-सांस्कृतिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा सके।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा पूरा परिसर
परियोजना के अंतर्गत छह भव्य प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संरक्षण एवं संवर्धन, आकर्षक बाउंड्री वॉल, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, बिजली व्यवस्था, यात्रियों के लिए शेड और बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही परिसर को सौंदर्यपूर्ण और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पहली बार भोरमदेव परिसर में वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम जैसी आधुनिक व्यवस्था लागू की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण कर जल की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। तालाब के आसपास हरित क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम
हर साल हजारों की संख्या में आने वाले कांवड़ यात्रियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक शेड बनाए जाएंगे। इनमें पेयजल, स्वच्छता और विश्राम की समुचित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा बोरवेल के माध्यम से पूरे परिसर में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
भोरमदेव कॉरिडोर के पूर्ण होने से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर इस परियोजना से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत विकास
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2014-15 में थीम आधारित पर्यटन सर्किट के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत देशभर में 5290.30 करोड़ रुपये की 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। अब इस योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें टिकाऊ और गंतव्य-केंद्रित पर्यटन विकास पर विशेष जोर है। छत्तीसगढ़ से एकमात्र भोरमदेव मंदिर को इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल किया गया है।

Related Posts

मंत्रालय में 145 कनिष्ठ सचिवालय सहायक पदों पर होगी संविदा भर्ती, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा अवसर

रायपुर, 23 जून। छत्तीसगढ़ मंत्रालय में कनिष्ठ सचिवालय सहायक (ग्रेड-3) के रिक्त…

1 of 389