बेमेतरा: छत्तीसगढ़ में शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के अवसर पर राजधानी रायपुर के लोक भवन में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में बेमेतरा जिले की दो समर्पित और नवाचारी शिक्षिकाओं को सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, रोचक शिक्षण पद्धतियों और नवाचारों के लिए आंचल वर्मा (शासकीय प्राथमिक शाला कंतेली, विकासखंड बेमेतरा) और शीतल बैस (शासकीय प्राथमिक शाला मगरघटा, विकासखंड नवागढ़) का चयन प्रतिष्ठित राज्यपाल पुरस्कार के लिए हुआ है।
शिक्षिका आंचल वर्मा के नवाचार और उपलब्धियां: आंचल वर्मा शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानती हैं और बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने के लिए कई प्रभावी सहायक शिक्षण सामग्रियां (टीएलएम) तैयार की हैं।
- लोकप्रिय टीएलएम: उपसर्ग-प्रत्यय, कैलेंडर चक्र, विलोम शब्द मिलान और कैरम बोर्ड आधारित टीएलएम बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उनके ‘कबाड़ से जुगाड़’ आधारित कैरम बोर्ड टीएलएम को राज्य स्तरीय पुस्तक में भी स्थान मिला है।
- डिजिटल माध्यम: उन्होंने अपने नवाचारों को यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए साझा कर प्रदेशभर के शिक्षकों और विद्यार्थियों को लाभान्वित किया है।
- कोरोना काल में योगदान: कोविड-19 के कठिन दौर में ‘पढ़ई तुहर द्वार’ के तहत मोहल्ला कक्षाओं और दीवार लेखन के जरिए बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।
- प्रमुख सम्मान: उन्हें मुख्यमंत्री शिक्षा दूत पुरस्कार (2020), अजीम प्रेमजी फाउंडेशन सम्मान, ‘कबाड़ से जुगाड़’ जिला पुरस्कार और एफएलएन वॉरियर्स पुरस्कार (2025) सहित कई मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है।
शिक्षिका शीतल बैस के अभिनव प्रयास और उपलब्धियां: शीतल बैस ने अपनी अनूठी शिक्षण शैली और सांस्कृतिक-शैक्षणिक गतिविधियों से अलग पहचान बनाई है।
- संकट में शिक्षा: कोरोना काल में ऑनलाइन और मोहल्ला क्लास के जरिए बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकने दी। छत्तीसगढ़ सीजी पोर्टल पर दो बार ‘हमारे नायक’ में उनका नाम दर्ज हो चुका है।
- भाषा अनुवाद और साहित्य: एससीईआरटी रायपुर के ‘रूम टू रीड’ कार्यक्रम के तहत हिंदी से छत्तीसगढ़ी में भाषा और कहानी का अनुवाद करने में सराहनीय भूमिका निभाई।
- राष्ट्रीय पटल पर उपस्थिति: पुणे में आयोजित जी-20 सम्मेलन में भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करा चुकी हैं।
- मास्टर ट्रेनर की भूमिका: टॉय पेडागोजी, कबाड़ से जुगाड़, समर कैंप और बहुभाषा शिक्षण में राज्य स्रोत व्यक्ति (मास्टर ट्रेनर) के रूप में कार्य किया है।
इन दोनों शिक्षिकाओं की इस उपलब्धि से पूरे बेमेतरा जिले में हर्ष का माहौल है। उनके इन प्रेरणादायक कार्यों से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार सुधर रहा है और छात्रों के लिए सीखना आसान हो रहा है।









