रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 500 करोड़ रुपये का ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार कृष्ण कुमार श्रीवास्तव को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पीड़ित कारोबारी को ठगी की रकम में से केवल 3.40 करोड़ रुपये लौटाए, जबकि शेष राशि शेल कंपनियों के जरिए दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर भेज दी गई।
ईडी ने दिल्ली की कंपनी रावत एसोसिएट्स के संचालक अर्जुन सिंह रावत की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद 30 जुलाई को कृष्ण कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। विशेष पीएमएलए कोर्ट से 7 अगस्त तक की रिमांड मिलने के बाद पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं।
शेल कंपनियों के जरिए विदेश भेजी गई रकम
जांच में पता चला कि आरोपी ने अपराध से अर्जित रकम को शेल कंपनियों और अन्य संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से लेयरिंग कर विदेश भेजा। मालभाड़ा और कंटेनर लीजिंग जैसे फर्जी व्यावसायिक लेन-देन दिखाकर रकम दुबई (यूएई), हांगकांग, चीन और सिंगापुर स्थित लाभार्थियों तक पहुंचाई गई। ईडी के अनुसार, पीड़ित को लौटाए गए 3.40 करोड़ रुपये भी इसी लेयरिंग किए गए धन से दिए गए थे। अब तक 11.60 करोड़ रुपये की राशि वापस नहीं की गई है।
तलाशी में मिले अहम दस्तावेज
अप्रैल 2025 में पीएमएलए की धारा 17 के तहत की गई तलाशी के दौरान ईडी ने हस्तलिखित रिकॉर्ड, निजी डायरी, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जांच में यह भी सामने आया कि कृष्ण कुमार ने इसी तरह की कार्यप्रणाली अपनाकर एक अन्य कारोबारी के साथ भी धोखाधड़ी की थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया और कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने की कोशिश की।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर ठगी
ईडी के मुताबिक, जून 2023 में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने अर्जुन सिंह रावत को रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना में 500 करोड़ रुपये का उप-ठेका दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए 15 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के नाम पर जमा कराए गए। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने परियोजना से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। जांच में पता चला कि रकम पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई, जिन्हें कथित खाताधारकों की जानकारी के बिना खोला गया था। ये सभी संस्थाएं अपने पंजीकृत पते पर अस्तित्व में नहीं मिलीं।
ईडी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, ठगी और धन के अवैध शोधन के पहलुओं की जांच आगे बढ़ा रही है।










