छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमल विहार की तर्ज पर शहर के आसपास के 5 गांवों—नकटी, सेरीखेड़ी, रमचंडी, बरौंदा और रीको—की कुल 1100 एकड़ (लगभग 436 हेक्टेयर) भूमि पर विकास कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कमर कस ली है।
योजना की मुख्य बातें:
- विकास का मॉडल: इस योजना के तहत चुनी गई जमीन प्रमोटर या बिल्डर को सौंपी जाएगी, जो वहां सड़क, नाली, बिजली और अन्य बुनियादी अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विकास करेगा।
- जमीन मालिकों को फायदा: जिन किसानों और भू-स्वामियों से जमीन ली जाएगी, उन्हें उनकी कुल जमीन का 42 प्रतिशत विकसित हिस्सा फ्री-होल्ड (पूर्ण स्वामित्व) के रूप में वापस दिया जाएगा। शेष जमीन को बिल्डर अपने व्यावसायिक उपयोग के लिए बेच सकेगा।
- टेंडर प्रक्रिया: इस टाउनशिप योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रमोटर बिल्डर तय करने हेतु टेंडर जारी किया गया था, जिसे 22 जुलाई को खोला गया। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इस टेंडर में 6 पार्टियों ने हिस्सा लिया है और अगले सप्ताह इसकी फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी।
क्या है ‘नगर विकास योजना’ (टाउन प्लानिंग स्कीम)?
- आधुनिक टाउनशिप: इस पूरी योजना को ‘पारगमन उन्मुख विकास’ (TOD) क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां मल्टी-मॉडल परिवहन और आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
- मिश्रित भूमि उपयोग: छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ विशेष क्षेत्र (अचल संपत्ति का व्ययन) नियम 2008’ में बड़ा संशोधन किया है। इसके तहत अब इन क्षेत्रों की जमीनों को लीज-होल्ड, लाइसेंस या फ्री-होल्ड के आधार पर ट्रांसफर किया जा सकेगा। यहां आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक परिसर बनाए जा सकेंगे, जिससे क्षेत्र का सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित होगा।










