भिलाई। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मी के वेतन में कथित गबन और पद के दुरुपयोग के मामले में पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट, बैंक अभिलेख और डिजिटल लेनदेन के साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की है।
एएसपी मणीशंकर चंद्रा के अनुसार, महिला कर्मी शुभांगी मराठे ने 3 अगस्त को कुलपति से शिकायत की थी। शिकायत के बाद गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता और अमानत में खयानत के आरोपों की पुष्टि की। इसके बाद मोहन नगर थाना पुलिस ने कुलसचिव के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी होने के साथ-साथ तत्कालीन कुलसचिव के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थीं। उन्हें प्रतिमाह शासन के नियमानुसार 11,515 रुपये वेतन मिलता था। आरोप है कि कुलसचिव उन्हें केवल 2,200 रुपये नकद देते थे और शेष राशि फोनपे व पेटीएम के माध्यम से अपने पुत्र उदय कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कराने के लिए दबाव बनाते थे।
पुलिस के मुताबिक, 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2025 के बीच इस तरीके से कुल 1,49,384 रुपये का गबन किया गया। जांच के दौरान बैंक खाते और यूपीआई ट्रांजेक्शन की पड़ताल में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिनसे पद के दुरुपयोग और अमानत में खयानत की पुष्टि हुई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद दुर्ग एसएसपी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद का लाभ उठाकर मातहत कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसकी सैलरी का अधिकांश हिस्सा डिजिटल भुगतान के जरिए अपने पुत्र के खाते में ट्रांसफर कराकर आर्थिक लाभ लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।








