रायपुर। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब हाईवे पर दोपहिया वाहन चलाने वाले चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाले सहयात्री के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने राज्य के सभी आरटीओ को निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि हेलमेट नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही, बिना हेलमेट वाहन की डिलीवरी करने वाले शोरूम संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। यह निर्णय केंद्रीय मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत लिया गया है और फिलहाल हाईवे क्षेत्रों में लागू होगा।
प्रशासन का मानना है कि हाईवे पर होने वाले सड़क हादसों में दोपहिया वाहन चालकों और उनके सहयात्रियों की मौत के मामलों को कम करने के लिए यह कदम जरूरी है। हालांकि, विभागों के पास अब तक यह स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है कि बिना हेलमेट कितनी मौतें हुई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क हादसों के पीछे ओवरस्पीड, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, नशे में वाहन चलाना और गलत तरीके से ओवरटेक करना प्रमुख कारण हैं।
इधर, शहर में बिना हेलमेट चलने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई का असर भी दिखने लगा है। पिछले तीन महीनों में सख्ती बढ़ने के बाद कई लोग दोपहिया छोड़कर कार से सफर करने लगे हैं, जिससे शहर के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक दबाव करीब 20% तक बढ़ गया है।
गौरतलब है कि रायपुर की अधिकांश सड़कें अन्य बड़े शहरों की तुलना में अपेक्षाकृत संकरी हैं, जिससे बढ़ते ट्रैफिक का दबाव और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में पुलिस के सामने ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।










