सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलमा में वर्षों से चल रहा जमीन विवाद रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। न्याय की उम्मीद में पिछले पांच वर्षों से राजस्व कार्यालयों के चक्कर काट रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग होशराम की कथित रूप से ट्रैक्टर से कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने गांव के ही एक शिक्षक के बेटे पर जानबूझकर ट्रैक्टर चढ़ाने का आरोप लगाया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
प्रशासनिक लापरवाही: 5 साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहा था पीड़ित परिवार
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम सिलमा में 6.30 एकड़ निजी भूमि के नामांतरण को लेकर दो पक्षों के बीच पिछले पांच वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा है। इस भूमि पर कब्जा और सही नामांतरण के लिए धनेश्वरी, उनके पति होशराम और पुत्र महेंद्र लगातार कलेक्टर, एसडीएम और तहसील कार्यालयों की चौखट खटखटा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि भूमि विवाद को लेकर कुछ दिनों पहले ही बतौली थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण समय रहते विवाद का समाधान नहीं हो सका।
खेत में रोकने पहुंचे बुजुर्ग, आरोपी ने ऊपर चढ़ा दिया ट्रैक्टर
चश्मदीदों और परिजनों के मुताबिक, रविवार को विवादित भूमि पर जुताई और धान की बोआई करने के लिए दूसरे पक्ष के भुनेश्वर पैंकरा के परिवार के लोग ट्रैक्टर लेकर पहुंचे थे। जब इसकी भनक होशराम को लगी, तो वे काम रुकवाने के लिए खेत पहुंचे। इसी दौरान ट्रैक्टर चला रहे आरोपी उमेश पैंकरा ने बुजुर्ग को देखते ही उन पर कथित रूप से ट्रैक्टर चढ़ा दिया। ट्रैक्टर के पहियों के नीचे कुचलने से होशराम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर सहित मौके से फरार हो गया।
क्या है विवाद की मुख्य वजह? (Fact Box)
- कुल विवादित भूमि: 6.30 एकड़ (ग्राम सिलमा)
- मूल मालिक: कामेश्वरी (पति झोरी), जो निःसंतान थीं।
- पहला पक्ष (दावेदार): मृतक की पत्नी धनेश्वरी, जिनका दावा है कि कामेश्वरी का भरण-पोषण करने के कारण उन्होंने अपने जीवनकाल में वसीयतनामा उनके नाम कर दिया था।
- दूसरा पक्ष (दावेदार): कामेश्वरी का भतीजा भुनेश्वर पैंकरा, जिसने भूमि पर अपना हक जताया।
- विवाद की जड़: राजस्व अभिलेखों (Revenue Records) में दोनों पक्षों के नाम दर्ज होने और नामांतरण आदेशों में तकनीकी विसंगति के कारण मामला सालों से लंबित था।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, ग्रामीणों में आक्रोश
होशराम की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना को लेकर ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी तंत्र ने समय रहते इस विवाद को सुलझा लिया होता, तो आज एक बुजुर्ग की जान नहीं जाती।
पुलिस का वक्तव्य
“घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने एसडीओपी राजेन्द्र मंडावी और थाना प्रभारी विवेक सेंगर के नेतृत्व में घटनास्थल का मुआयना किया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद से जुड़ा मर्डर का है। फरार आरोपी उमेश पैंकरा की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।”
– बतौली पुलिस प्रशासन
मामले की विस्तृत विवेचना और पुलिसिया कार्रवाई जारी है।










