रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अलग-अलग विकासखंडों में अवैध उर्वरक भंडारण और नियमों की अनदेखी करने वाले कृषि केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रायपुर जिले के आधा दर्जन कृषि केंद्रों पर कृषि विभाग की छापेमारी के बाद, सभी मामलों की जांच रिपोर्ट कलेक्टर गौरव सिंह को सौंपी गई थी। कलेक्टर ने इस रिपोर्ट के आधार पर ताबड़तोड़ फैसले लेते हुए एक नामी कृषि केंद्र का उर्वरक बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिया है, जबकि तीन केंद्रों में बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा एक केंद्र को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
सुंदरम बीज भंडार लखौली का लाइसेंस सस्पेंड
कृषि विभाग की टीम ने आरंग विकासखंड के ग्राम लखौली स्थित मेसर्स सुंदरम बीज भंडार केंद्र में दबिश दी थी। जांच के दौरान केंद्र के गोदाम में बिना किसी वैध दस्तावेज के, बड़े पैमाने पर अवैध उर्वरक (खाद) का भंडारण पाया गया। इसके अलावा:
- केंद्र संचालक द्वारा शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था।
- खाद के स्टॉक और दैनिक बिक्री से संबंधित कोई भी रजिस्टर मेंटेन (संधारित) नहीं मिला।
इन गंभीर कमियों और अवैध भंडारण को देखते हुए कलेक्टर गौरव सिंह ने सख्ती दिखाते हुए सुंदरम बीज भंडार का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इन 3 कृषि केंद्रों में बिक्री पर लगी पूर्ण रोक
नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन अन्य केंद्रों पर भी गाज गिरी है। इन केंद्रों में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के नियमों के विपरीत कारोबार हो रहा था और बिल बुक भी संधारित नहीं पाई गई थी। कलेक्टर ने इन तीनों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से बिक्री पर रोक (Ban on Sale) लगाने का आदेश जारी किया है:
- प्रयाग कृषि केंद्र – पंडरभट्टा (धरसींवा विकासखंड)
- इंदु कृषि सेवा केंद्र – लखौली (आरंग)
- मश्रा कृषि केंद्र – रवेली (अभनपुर)
हरियाणा की ‘पुलकित बायो फर्टिलाइजर’ पर कसेगा कानूनी शिकंजा, 35 टन खाद जब्त
इस पूरी कार्रवाई में सबसे बड़ा मामला आरंग के ग्राम कलई से सामने आया है। यहाँ गुड़गांव (हरियाणा) की पुलकित बायो फर्टिलाइजर कंपनी द्वारा अवैध रूप से उर्वरक का बड़ा काला कारोबार संचालित किया जा रहा था।
बड़ी जब्ती और आगामी अदालती कार्रवाई: गुप्त सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने यहाँ छापा मारकर 35.05 मीट्रिक टन अवैध उर्वरक जब्त किया था। यह मामला फिलहाल कलेक्टर के समक्ष विचाराधीन है। विभागीय सूत्रों की मानें तो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत इस प्रकरण में जल्द ही कड़ी कानूनी (एफआईआर) कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, आरंग के ही ग्राम समोदा स्थित महानदी बीज भंडार केंद्र के संचालक को भी अपने प्राधिकार पत्र में बिना स्रोत प्रमाण पत्र संलग्न किए खाद का भंडारण और वितरण करने के मामले में ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब मांगा गया है।
अधिकारियों का बयान: जारी रहेगी कार्रवाई
“छापामारी की कार्रवाई के बाद सभी केंद्रों की विस्तृत जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई थी। कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार एक का लाइसेंस निलंबन, 3 में बिक्री पर रोक और अन्य पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। किसानों के हितों से खिलवाड़ और खाद की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” — सतीश अवस्थी, उप संचालक, कृषि विभाग (रायपुर)










