रायपुर। छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने वाले रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (Raipur-Visakhapatnam Economic Corridor) की प्रगति का जायजा लेने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री निनित गडकरी जुलाई के पहले सप्ताह में छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय मंत्री इस बार हवाई मार्ग के बजाय सड़क मार्ग से रायपुर से विशाखापट्टनम तक का सफर तय करेंगे, ताकि परियोजना की जमीनी हकीकत और निर्माण कार्यों की बारीकियों का खुद निरीक्षण कर सकें।
गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की होगी ‘अग्निपरीक्षा’
केंद्रीय मंत्री के इस दौरे का मुख्य फोकस सड़क निर्माण की उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर रहेगा। अपने कड़े रुख के लिए जाने जाने वाले नितिन गडकरी इस यात्रा के दौरान:
- निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता (Quality Check) की समीक्षा करेंगे।
- कॉरिडोर पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों को परखेंगे।
- परियोजना से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के साथ ऑन-स्पॉट बैठक कर फीडबैक लेंगे।
माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री के इस कड़े निरीक्षण के बाद बाकी बचे निर्माण कार्यों में और तेजी आएगी।
परियोजना की बड़ी बातें: 80% काम पूरा, बदल जाएगी तीन राज्यों की सूरत
यह इकोनॉमिक कॉरिडोर देश की सबसे महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| कुल अनुमानित लागत | करीब 16,482 करोड़ रुपये |
| वर्तमान प्रगति | लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। |
| प्रभावित होने वाले राज्य | छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश |
व्यापार और रोजगार को लगेंगे पंख, घटेगा सफर का समय
इस कॉरिडोर के पूर्ण रूप से शुरू हो जाने के बाद छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच व्यापारिक दूरियां बेहद कम हो जाएंगी।
- आसान होगा माल परिवहन: छत्तीसगढ़ के उद्योगों और खदानों से निकलने वाला माल बेहद कम समय में विशाखापट्टनम पोर्ट (बंदरगाह) तक पहुंच सकेगा।
- औद्योगिक गलियारे का विकास: सड़क के दोनों ओर नए उद्योगों, लॉजिस्टिक हब और रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
- यात्रियों को सुविधा: तीनों राज्यों के बीच आम जनता का आवागमन न सिर्फ तेज होगा, बल्कि सफर बेहद सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा।
नितिन गडकरी का यह आगामी दौरा इस कॉरिडोर को समय सीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।










