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सरकारी स्कूलों की नई यूनिफॉर्म पर उठे सवाल, छात्राओं ने जताई असहजता; गुणवत्ता और साइज को लेकर शिकायतें

रायपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को नई यूनिफॉर्म का वितरण शुरू हो गया है। हालांकि, गणवेश की गुणवत्ता और साइज को लेकर कई जगहों से शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को हो रही है। उनका कहना है कि वितरित की गई शर्ट का कपड़ा इतना पतला है कि आर-पार दिखाई देता है, जिससे वे इसे पहनने में असहज महसूस कर रही हैं।

प्रदेश के हथकरघा विपणन संघ द्वारा तैयार की गई नई यूनिफॉर्म इस वर्ष बदले हुए रंग और डिजाइन में वितरित की जा रही है। पहले जहां विद्यार्थियों के लिए आसमानी रंग की शर्ट और नेवी ब्लू रंग की स्कर्ट या पैंट निर्धारित थी, वहीं अब हल्के नीले रंग की चेक पैटर्न वाली शर्ट और स्लेटी रंग की स्कर्ट एवं पैंट लागू की गई है। इस बदलाव का उद्देश्य शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों का लुक निजी स्कूलों की तरह आकर्षक बनाना बताया गया है। इसे पूरे प्रदेश में लागू करने से पहले बिलासपुर और अंबिकापुर में इसका ट्रायल भी किया गया था।

नई यूनिफॉर्म लागू होने के कारण विद्यार्थी पुराने सत्र की यूनिफॉर्म भी नहीं पहन पा रहे हैं। ऐसे में गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने अभिभावकों और विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है।

साइज की समस्या भी बरकरार

गुणवत्ता के साथ-साथ यूनिफॉर्म के साइज को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। कई स्कूलों में विद्यार्थियों का माप लिए बिना पुराने तरीके से एक ही साइज के कपड़े वितरित कर दिए गए हैं। छोटी कक्षाओं के बच्चों के पैंट जरूरत से ज्यादा लंबे हैं, जबकि कई छात्राओं के स्कर्ट जमीन तक पहुंच रहे हैं। इससे बच्चों और अभिभावकों को सिलाई में अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।

प्रदेश में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष दो-दो सेट यूनिफॉर्म निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शासन ने 156 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिनसे 59 लाख यूनिफॉर्म सेट तैयार किए गए हैं।

रायपुर और दुर्ग में अभी एक ही सेट का वितरण

सरगुजा, बिलासपुर और बस्तर संभाग के अधिकांश स्कूलों में विद्यार्थियों को दो-दो सेट यूनिफॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं रायपुर और दुर्ग संभाग के कई स्कूलों में फिलहाल केवल एक-एक सेट ही दिया गया है। शिक्षा विभाग का दावा है कि 15 जुलाई तक सभी पात्र विद्यार्थियों को दो-दो सेट यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

शिकायत मिलने पर बदली जाएगी यूनिफॉर्म

हथकरघा संघ के सचिव एम.एम. जोशी ने कहा कि जहां कहीं भी यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलेंगी, वहां तत्काल संबंधित गणवेश को बदलने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्कूलों और संबंधित अधिकारियों से ऐसी शिकायतों की जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।

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