मोहला। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की राजनीति में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। जाति संबंधी विवाद में राहत मिलने के बाद अब नम्रता सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी राजनीतिक छवि और साख को नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा के ही कुछ स्थानीय नेता लगातार नए मुद्दे खड़े कर रहे हैं।
नम्रता सिंह का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कवायद में उनके अपने दल से जुड़े कुछ लोग भी भूमिका निभा रहे हैं।
जाति प्रकरण के बाद बदले विरोध के तरीके
नम्रता सिंह को लेकर जाति संबंधी विवाद लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का विषय रहा है। मामले में राहत मिलने के बाद अब उनके विरोध को लेकर नए आरोप सामने आए हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जाति प्रकरण के बाद विरोधियों की रणनीति बदल गई है। नम्रता सिंह के समर्थकों का आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के तौर पर उनकी राजनीतिक पकड़ और प्रभाव को कमजोर करने के लिए अलग-अलग शिकायतों और विवादों को मुद्दा बनाया जा रहा है।
उनका दावा है कि यह सामान्य राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि नम्रता सिंह को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश है।
विवेक सिंह की शिकायतों को लेकर भी विवाद
मामले में विवेक सिंह का नाम भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि नम्रता सिंह के खिलाफ जाति संबंधी शिकायत के अलावा विवेक सिंह की ओर से अन्य मामलों को लेकर भी शिकायतें की गई हैं।
वहीं, विवेक सिंह को लेकर भी पूर्व में कई आरोप और विवाद सामने आने का जिक्र किया जा रहा है। नम्रता सिंह के समर्थक नक्सल टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में एनआईए की कार्रवाई और अन्य मामलों का हवाला देते हुए शिकायतों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों और मामलों में संबंधित जांच व कानूनी प्रक्रिया के तथ्यों को अलग-अलग स्तर पर देखा जाना जरूरी है।
भाजपा के स्थानीय नेताओं की भूमिका पर सवाल
नम्रता सिंह के समर्थकों ने भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कुछ नेता उनके खिलाफ सामने आ रही शिकायतों को राजनीतिक तौर पर आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं।
इसे लेकर भाजपा के भीतर भी अंदरूनी खींचतान की चर्चा है। हालांकि जिन नेताओं पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी ओर से इस पूरे मामले में क्या पक्ष सामने आता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
धार्मिक टिप्पणी और नक्सल फंडिंग के मामलों का भी जिक्र
पूरे विवाद में विवेक सिंह से जुड़े पुराने मामलों का भी जिक्र किया जा रहा है। इनमें सोशल मीडिया पर कथित धार्मिक टिप्पणी और नक्सल टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में एनआईए की कार्रवाई का हवाला दिया जा रहा है। बिरजू राम तारम हत्याकांड से जुड़े जांच के पहलुओं का भी संदर्भ सामने आया है।
नम्रता सिंह के समर्थकों का सवाल है कि जिन व्यक्तियों से जुड़े मामलों में गंभीर आरोप या जांच का उल्लेख सामने आया है, उनकी ओर से की जा रही शिकायतों को क्या राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है?
नम्रता सिंह बोलीं- अपने ही लोग बदनाम करने में जुटे
जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचाने के लिए लगातार नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश में अपने ही लोग साथ दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन हार नहीं सकता।”
फिलहाल, नम्रता सिंह के आरोपों के बाद मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की राजनीति में एक बार फिर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आती दिख रही है। अब देखना होगा कि भाजपा के स्थानीय नेता इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और शिकायतों को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।










