कोण्डागांव। जिले में जुआ-सट्टा समेत अवैधानिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोण्डागांव पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम केंवटी के जंगल में जुआ खेल रहे 7 आरोपियों को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मौके से नकदी, ताश के पत्ते, मोबाइल फोन और 6 दोपहिया वाहन समेत कुल 2 लाख 1 हजार 100 रुपये की सामग्री जब्त की गई है।
गुप्त सूचना पर जंगल में घेराबंदी
पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 को सूचना मिली थी कि ग्राम केंवटी के जंगल में कुछ लोग 52 ताश के पत्तों से रुपये-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं।
सूचना मिलते ही थाना कोण्डागांव और साइबर सेल की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस ने जुआ खेल रहे सात लोगों को मौके से पकड़ लिया और जुआ खेलने में इस्तेमाल की जा रही सामग्री व वाहनों को जब्त किया।
नकदी और 6 दोपहिया वाहन जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7,100 रुपये नकद, 52 ताश के पत्तों का एक सेट, 5 मोबाइल फोन और 6 दोपहिया वाहन बरामद किए। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत 2,01,100 रुपये बताई गई है।
ये 7 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में:
- उत्तम पटेल (33), मरारपारा, कोण्डागांव
- विष्णु दास सोनी (27), चिमड़ी, थाना बेनूर
- महेश मरकाम (27), मालाकोट परचियापारा, थाना बेनूर
- मंगतराम कोर्राम (26), बयानार, थाना बयानार
- अर्जुन बघेल (26), लोहापारा, कोण्डागांव
- विकास ठाकुर (36), मरारपारा, कोण्डागांव
- कमलेश सोनी (28), आड़काछेपड़ा, कोण्डागांव
जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 3 के तहत थाना कोण्डागांव में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन और एसडीओपी कोण्डागांव रूपेश कुमार के नेतृत्व में की गई।
जुआ-सट्टे के खिलाफ अभियान जारी
कोण्डागांव पुलिस ने कहा है कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैधानिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, एएसआई पिताम्बर कठार, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र देहारी, साइबर शाखा के प्रधान आरक्षक अजय बघेल, प्रशांत जुर्री और आरक्षक संतोष कोड़ोपी, बिरजू सोरी एवं चन्दन सोरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










