रायपुर। गणेश प्रतिमा विसर्जन झांकी को लेकर रायपुर में सुरक्षा और प्रशासन के बीच बैठक के बाद बड़ा फैसला लिया गया है। सदर बाजार और हलवाई लाइन के जर्जर भवनों वाले मार्ग से गणेश विसर्जन झांकी निकालने की सशर्त अनुमति दे दी गई है।
इस मार्ग से हर साल बड़ी संख्या में लोग झांकी देखने और उसमें शामिल होने पहुंचते हैं। रास्ते में कई जर्जर भवन होने के कारण पुलिस और SDRF ने गणेशोत्सव समितियों से इस मार्ग पर झांकी नहीं निकालने की अपील की थी। हालांकि, समितियों ने इसका विरोध करते हुए इसी रास्ते से झांकी निकालने की मांग जारी रखी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी है।
जर्जर मकानों के सामने DJ का बेस-वाइब्रेशन बंद
प्रशासन ने सबसे अहम निर्देश साउंड सिस्टम को लेकर दिया है। जर्जर भवनों वाले हिस्से में झांकी के दौरान DJ और साउंड सिस्टम का बेस और वाइब्रेशन मोड बंद रखना होगा। अधिकारियों के मुताबिक तेज बेस और वाइब्रेशन से होने वाले कंपन के कारण जर्जर भवनों को नुकसान पहुंचने और हादसे का खतरा हो सकता है।
बुधवार को तीनों जोन के DCP, SDRF और नगर निगम के अधिकारियों ने गणेशोत्सव समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की।
हथियार और धारदार सामान पर रोक
झांकी आयोजकों को निर्धारित मार्ग, समय और क्रम का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही झांकी को अनावश्यक रूप से बीच रास्ते में रोकने से बचने और पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित वॉलंटियर्स रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने झांकी में नशे का सेवन नहीं करने, किसी भी तरह के हथियार या धारदार वस्तु नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। DJ और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार ही करना होगा।
इसके अलावा एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के साथ पीछे से आने वाली झांकियों के लिए रास्ता खुला रखने और पुलिस-यातायात अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने पर भी सहमति बनी है।
स्थानीय लोगों ने पहले ही जताई थी आपत्ति
सदर और सत्ती बाजार के रहवासी पहले ही DJ और धुमाल नहीं बजाने की मांग को लेकर पोस्टर लगा चुके हैं। स्थानीय लोगों ने जर्जर भवनों के कारण अपने क्षेत्र से झांकी नहीं निकालने की मांग भी उठाई थी।
कुछ समय पहले सदर इलाके में एक जर्जर मकान गिरने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। इलाके में आधा दर्जन से ज्यादा भवनों को जर्जर चिन्हित किया जा चुका है।
अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि झांकी भी निकले और जर्जर भवनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह कायम रहे।









