हैदराबाद: गूगल ने भारत में एंड्रॉयड यूज़र्स की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने मंगलवार यानी 23 दिसंबर 2025 को ऐलान किया है कि उसका इमजरेंसी लोकेशन सर्विस यानी ELS अब भारत में लॉन्च कर दिया गया है. गूगल ने कुछ हफ्ते पहले ही इमरजेंसी लाइव वीडियो फीचर का भी ऐलान किया था, जिसके बारे में हमने आपको बताया था. आइए हम आपको गूगल की इमरजेंसी लोकेशन सर्विस के बारे में बताते हैं.
इस फीचर की मदद से इमरजेंसी की हालत में एंड्रॉयड यूज़र पुलिस, मेडिकल स्टाफ और फायर ब्रिगेड जैसे इमरजेंसी सर्विस प्रोवाइडर्स को कॉल या SMS करते ही अपनी सटीक लोकेशन शेयर कर पाएंगे. गूगल के मुताबिक, जैसे ही ELS एक्टिव होता है, यूज़र की मौजूदा लोकेशन सीधे इमजरेंसी सर्विस तक पहुंच जाती है. भारत में उत्तर प्रदेश पहला राज्य बन गया है, जहां गूगल की इमजरेंसी लोकेशन सर्विस शुरू हो चुकी है.
ELS कैसे करता है काम
गूगल ने बताया कि एंड्रॉयड पर ELS डिवाइस के GPS, Wi Fi और मोबाइल नेटवर्क डेटा का इस्तेमाल करके यूज़र की लोकेशन तय करता है. कंपनी का दावा है कि यह फीचर करीब पचास मीटर तक की सटीकता के साथ लोकेशन पहचान सकता है.
हालांकि, गूगल ने यह भी साफ किया है कि ELS को एक्टिव करने के लिए राज्य सरकारों और लोकल इमरजेंसी इंफ्रास्ट्रक्चर का इंटीग्रेशन जरूरी होता है. उत्तर प्रदेश में यूपी पुलिस ने Pert Telecom Solutions के साथ मिलकर इसे इमरजेंसी नंबर 112 से जोड़ा है.
उत्तर प्रदेश में क्या खास है
यह सर्विस पूरी तरह फ्री है और सिर्फ उसी वक्त यूज़र की लोकेशन ट्रैक करती है, जब एंड्रॉयड फोन से 112 डायल किया जाता है. गूगल के अनुसार, यह डेटा कंपनी के पास सेव नहीं होता और सीधे संबंधित इमरजेंसी अथॉरिटी तक जाता है.
किन डिवाइसेज़ पर मिलेगा सपोर्ट
गूगल ने बताया कि ELS उन सभी Android स्मार्टफोन्स पर उपलब्ध है, जो Android 6.0 या उससे नए वर्जन पर चलते हैं. कंपनी का दावा है कि अब तक ELS ने दुनियाभर में बीस मिलियन से ज्यादा कॉल और SMS के जरिए लोगों की मदद की है, चाहे कॉल कुछ सेकंड में ही ड्रॉप क्यों न हो जाए.
ELS से जुड़ी जरूरी जानकारी
सेवा का नाम: Emergency Location Service
प्लेटफॉर्म: Android 6.0 और ऊपर
भारत में पहला राज्य: उत्तर प्रदेश
इमरजेंसी नंबर: 112
डेटा एक्सेस: सिर्फ इमरजेंसी एजेंसियों को
गूगल ने यह भी बताया है कि हाल ही में एंड्रॉयड के लिए इमरजेंसी लाइव वीडियो फीचर लॉन्च किया गया है. इसके जरिए इमरजेंसी कॉल के दौरान रिस्पॉन्डर की रिक्वेस्ट पर यूज़र अपनी लाइव कैमरा फीड भी शेयर कर सकता है.










