छत्तीसगढ

बिलासपुर ट्रेन हादसे में ड्राइवर पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज; 19 अधिकारियों से आज पूछताछ

बिलासपुर: गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू ट्रेन हादसे में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें ट्रेन ड्राइवर विद्या सागर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस हादसे की जांच में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं, जिनसे दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट रूप से पता चलता है।

रेलवे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, मेमू ट्रेन गतौरा से 76 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही मालगाड़ी से टकरा गई। हादसा उस स्थान पर हुआ, जहां एक कर्व (घुमाव) था। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि लोको पायलट विद्या सागर ने दूसरी लाइन का सिग्नल देखकर ट्रेन की स्पीड बढ़ा दी, लेकिन अचानक सामने मालगाड़ी आने पर वह ट्रेन को नियंत्रित करने में सफल नहीं हो पाए। इस दौरान एक अन्य समस्या सामने आई कि वह पहले मालगाड़ी चलाते थे, और हाल ही में उन्हें पैसेंजर ट्रेन की जिम्मेदारी दी गई थी। यह भी माना जा रहा है कि उन्हें मेमू ट्रेन की स्पीड का अंदाजा नहीं था।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मेमू ट्रेन ने खतरे का सिग्नल पार किया, जिसे रेलवे की तकनीकी भाषा में सिग्नल पास्ड एट डेंजर कहा जाता है। यह घटना सिग्नल के संबंध में हुई गड़बड़ी को भी उजागर करती है। बता दें कि अब इस रूट पर पहले के मुकाबले ज्यादा सिग्नल हैं, जो लोको पायलट को भ्रमित कर सकते हैं।

रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि इस तरह की घटनाओं की संभावना पहले ही जताई जा चुकी थी। एलारसा ने रेलवे प्रशासन को इस समस्या की लिखित जानकारी दी थी और सिग्नल की सही जानकारी लोको कैब में उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे। अब इस मामले की विस्तृत जांच के लिए सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) को सौंप दी गई है।

दूसरे दिन, दक्षिण-पूर्वी सर्किल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा ने घटना स्थल का दौरा किया। वे करीब 40 मिनट तक घटनास्थल पर रहे और दुर्घटनाग्रस्त कोच का निरीक्षण किया। इसके बाद, 19 अधिकारियों और कर्मचारियों को संबंधित दस्तावेजों के साथ डीआरएम कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

वहीं, पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन जांच जारी है। स्टेशन अधीक्षक वाणिज्य के मेमो पर केस दर्ज किया गया है, जिसमें ट्रेन चालक का नाम तो नहीं लिखा गया है, लेकिन ट्रेन ड्राइवर विद्या सागर की मौत हो चुकी है। अब पुलिस पूरी घटना की जांच कर रही है, और सही तथ्यों का खुलासा होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे में ट्रेन ड्राइवर विद्या सागर के साथ सहायक लोको पायलट रश्मि राज भी घायल हुई हैं, जिन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

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