जांजगीर-चांपा। जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 12वीं कक्षा के एक होनहार छात्र कमलेश जायसवाल (18 वर्ष) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र ने मरने से पहले चार पन्नों का एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने अपने पूर्व स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट में छलका दर्द: “जीते-जी न्याय नहीं मिला, मरने के बाद उम्मीद है”
पुलिस को मिले चार पेज के सुसाइड नोट में कमलेश ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए लिखा कि वह पिछले एक साल से डिप्रेशन (अवसाद) में था। उसने आरोप लगाया कि न्यूवोको पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सुमंतो विश्वास और शिक्षक अनुपम पाल ने उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि वह खुद को “जिंदा लाश” समझने लगा था।
छात्र का आरोप है कि छात्राओं से जुड़े विवादों में बिना उसकी बात सुने उसे दोषी ठहराया गया। बिना गलती के उसे बार-बार प्रताड़ित किया गया और मारपीट करवाई गई। शिकायतों के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने उसकी एक न सुनी, जिसके कारण उसे स्कूल छोड़ना पड़ा था।
परिजनों का फूटा गुस्सा, शव रखकर किया चक्काजाम
घटना के बाद ग्राम आरसमेटा में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर छात्र के शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी प्राचार्य और शिक्षक पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने घंटों की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन के बाद शाम 4 बजे जाम खुलवाया।
स्कूल प्रबंधन की बड़ी कार्रवाई: प्राचार्य और शिक्षक बर्खास्त
मामले के तूल पकड़ते ही न्यूवोको पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने त्वरित कदम उठाते हुए आरोपी प्राचार्य सुमंतो विश्वास और शिक्षक अनुपम पाल की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
“हमने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर दो-षियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”पारस पटेल, थाना प्रभारी, मुलमुला









