जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदली और देखते ही देखते भारी तबाही का मंजर सामने आ गया। जिले के लोदाम क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा में जहां आसमानी बिजली गिरने से टोल प्लाजा के सारे सिस्टम ठप हो गए, वहीं कई बेजुबान मवेशियों की भी मौत हो गई।
लोदाम टोल प्लाजा पर गिरी बिजली, थम गए वाहनों के पहिए
मौसम खराब होने के दौरान सबसे बड़ा झटका लोदाम टोल प्लाजा को लगा। यहां अचानक हुए भीषण वज्रपात (बिजली गिरने) के कारण टोल बूथों में लगे 7 कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह जलकर खाक हो गए। सिस्टम अचानक बंद होने से टोल कलेक्शन पूरी तरह ठप हो गया। इसके चलते हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली के खंभे और पेड़ उखड़े, अंधेरे में डूबा इलाका
तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि रास्ते में आने वाले कई पेड़ और बिजली के पोल ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। इसके चलते पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, तेज आंधी के बाद देर रात तक पूरा इलाका घने अंधेरे में डूबा रहा, जिससे राहत कार्यों में भी बाधा आई।
कृषि मंडी जांच केंद्र और पशुपालकों को भारी नुकसान
तूफान का असर कृषि उपज मंडी जांच केंद्र पर भी देखने को मिला। परिसर में स्थित आम के पेड़ की एक विशाल डाल टूटकर दफ्तर के ऊपर गिर गई, जिससे मंडी की संरचना और वहां रखे उपकरणों को काफी नुकसान पहुंचा है।
वहीं, इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि वज्रपात की चपेट में आने से 5 मवेशियों की तड़पकर मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय गरीब पशुपालकों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
प्रशासन हुआ अलर्ट, सर्वे का काम शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें मुस्तैद हो गई हैं। प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों और टोल प्लाजा का दौरा कर नुकसान का सटीक आंकलन (सर्वे) शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बहाल करने और पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।










