रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा नेवरा स्थित सासाहोली बंद रेलवे फाटक के पास बने रैक पॉइंट पर सोमवार को कोयले की रैक लगने के बाद भारी अव्यवस्था देखने को मिली। सुबह से ही ओवरलोड कोयले से भरे छोटे-बड़े वाहन मुख्य मार्गों से गुजरते रहे, जिससे पूरे इलाके में धूल और कोयले का गुबार फैल गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से सड़कें तेजी से उखड़ रही हैं। जिन सड़कों की क्षमता हल्के और सीमित भार वाले वाहनों की है, वहां क्षमता से कहीं अधिक वजन लादकर कोयला परिवहन किया जा रहा है। इसके चलते सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है और जगह-जगह गड्ढे बनते जा रहे हैं।
नियमों की खुलेआम अनदेखी
बताया जा रहा है कि रैक पॉइंट संचालन को लेकर कई स्पष्ट नियम हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह से दरकिनार किया जा रहा है। नियम के अनुसार सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए, ताकि धूल न उड़े, लेकिन जब-जब कोयले की रैक लगती है, तब पानी का छिड़काव नहीं किया जाता।
इसके अलावा कोयले से भरे वाहनों को तिरपाल (तालपतरी) से ढककर ले जाना अनिवार्य है, लेकिन अधिकांश वाहन बिना ढके ही खुले रूप में ओवरलोड कोयला लेकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजर रहे हैं। इस दौरान वाहनों से कोयला सड़क पर गिर रहा है, जिससे सड़कें काली पड़ रही हैं और आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है।
ओवरलोड कोयला वाहनों के कारण आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल और कोयले की वजह से सांस लेने में दिक्कत हो रही है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस समस्या से संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने, नियमों का सख्ती से पालन कराने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।










