कवर्धा। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की मियाद बढ़ने के बीच कवर्धा जिले से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। 7 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज मामले में अजब-गजब बयान देकर विवादों में आए जिला विपणन अधिकारी (DMO) अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रबंध संचालक, राज्य स्तर रायपुर द्वारा मीडिया में भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के आरोप में की गई है। निलंबन आदेश की प्रति बुधवार को जारी की गई, जिसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
7 करोड़ के धान घोटाले से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2024–25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान से जुड़ा है, जिसे कवर्धा के चारभाठा स्थित धान संग्रहण केंद्र में रखा गया था। वर्ष 2026 की धान खरीदी से पहले जब पुराने धान का भौतिक सत्यापन किया गया, तो लगभग 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये आंकी गई।
‘चूहा और दीमक’ बयान से भड़का विवाद
धान शॉर्टेज को लेकर जब मीडिया ने DMO अभिषेक मिश्रा से सवाल किए, तो उन्होंने 7 जनवरी 2026 को बयान दिया कि धान की कमी मौसम की मार, चूहों और दीमकों द्वारा धान खाए जाने के कारण हुई है। इस बयान के सामने आते ही मामला तूल पकड़ गया। सोशल मीडिया से लेकर पूरे प्रदेश में बयान की तीखी आलोचना हुई। कांग्रेस और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच समिति गठित की थी। जांच में तत्कालीन संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय की भूमिका संदेहास्पद पाई गई। साथ ही संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ के साक्ष्य भी सामने आए। इसके बाद प्रितेश पांडेय को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
भ्रामक बयान बना निलंबन की वजह
प्रबंध संचालक रायपुर ने यह मानते हुए कि DMO अभिषेक मिश्रा ने मीडिया में भ्रामक, तथ्यहीन और गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।









