भारत में डेंगू से लड़ाई को जल्द बड़ी मजबूती मिल सकती है। डेंगू की वैक्सीन ‘Qdenga’ के अंतिम चरण का ट्रायल पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि इसे इसी साल देश में उपलब्ध कराया जा सकता है।
इस वैक्सीन को जापान की दवा कंपनी Takeda Pharmaceutical Company ने विकसित किया है। भारत में इसे हैदराबाद की बायोलॉजिकल ई के साथ साझेदारी में लाने की तैयारी की जा रही है। यह वैक्सीन पहले ही दुनिया के 40 से अधिक देशों—जिनमें यूरोप, ब्रिटेन, इंडोनेशिया और ब्राजील शामिल हैं- में मंजूरी प्राप्त कर चुकी है। साथ ही इसे WHO से प्रीक्वालिफिकेशन भी मिल चुका है, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता पर भरोसा बढ़ा है।
डेंगू से बचाव में कारगर हो सकती है वैक्सीन
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैक्सीन के आने से देश में डेंगू के मामलों और इससे होने वाली मौतों में कमी आ सकती है। खास बात यह है कि यह वैक्सीन उन लोगों पर भी असरदार हो सकती है, जिन्हें पहले डेंगू हो चुका है। टीकाकरण के तहत इसकी दो डोज दी जाएंगी, जिनके बीच कुछ समय का अंतर रखा जाएगा।
हर साल बढ़ते हैं डेंगू के मामले
भारत में हर साल डेंगू के हजारों मामले सामने आते हैं और कई लोगों की जान भी जाती है। अब तक इस बीमारी से बचाव के लिए कोई व्यापक रूप से उपलब्ध वैक्सीन नहीं थी, जिससे इस टीके का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था।
सीडीएससीओ की मंजूरी का इंतजार
हालांकि, भारत में इस वैक्सीन के उपयोग से पहले Central Drugs Standard Control Organization (CDSCO) की मंजूरी जरूरी है। फिलहाल इस प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद ही आम लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
दिल्ली के चिकित्सक डॉ. अजय कुमार के अनुसार, यदि यह वैक्सीन जल्द उपलब्ध होती है तो डेंगू के मामलों और मौतों में बड़ी कमी आ सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई जैसे उपाय अब भी उतने ही जरूरी रहेंगे। डेंगू वैक्सीन के आगमन से देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।










