राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में अमूमन शराब दुकानों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और तालाबंदी की खबरें सुर्खियां बनती हैं, लेकिन राजनांदगांव जिले में एक बिल्कुल उलट मामला सामने आया है। यहाँ के दो अलग-अलग इलाकों के ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुँचकर प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि उनके क्षेत्र में ‘शराब दुकान खोली जाए’। ग्रामीणों की इस अजीबोगरीब मांग ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
जनसहयोग से बनाया भवन, अब शिफ्टिंग का विरोध
महाराष्ट्र सीमा से लगे गेंदाटोला क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गाँव में अधिकृत शराब दुकान सुचारू रूप से चले, इसके लिए ग्रामीणों ने जनसहयोग से बाकायदा भवन का निर्माण कराया था। ग्रामीणों का कहना है कि जब से अधिकृत दुकान खुली थी, तब से क्षेत्र में कोचियों (अवैध शराब विक्रेताओं) का आतंक कम हो गया था। अब प्रशासन इस दुकान को कहीं और शिफ्ट करने की तैयारी में है, जिससे ग्रामीण नाराज हैं। उन्हें डर है कि दुकान हटते ही महाराष्ट्र से अवैध शराब की तस्करी बढ़ जाएगी।
चिचोला के ग्रामीणों ने भी उठाई मांग
इसी तरह चिचोला क्षेत्र के ग्रामीण भी सरपंच और पंचों के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनकी मांग भी यही है कि इलाके में एक लाइसेंसी शराब दुकान होनी चाहिए। ग्रामीणों का मानना है कि अधिकृत दुकान न होने की स्थिति में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिसे रोकने के लिए सरकारी दुकान ही एकमात्र विकल्प है।
इस अनूठी मांग ने जिला प्रशासन को असमंजस में डाल दिया है। कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह मामला नीतिगत है। ग्रामीणों की मांग और क्षेत्र की परिस्थितियों का परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।










