रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब 120 आत्मसमर्पित नक्सली विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही को करीब से देखा। इनमें 1 करोड़ के इनामी पूर्व नक्सली रूपेश और झीरम हमले से जुड़े चैतू भी शामिल थे।
आसंदी से सभापति ने पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने पर शुभकामनाएं दीं। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता और खेती के लिए जमीन दी जाएगी, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा परिसर में अपने कक्ष में पुनर्वासित नक्सलियों का स्वागत किया और उनके फैसले की सराहना की। सात पूर्व नक्सलियों को अध्यक्षीय दीर्घा में बैठकर प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण की कार्यवाही देखने का अवसर भी मिला। उस दौरान सदन में स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा चल रही थी।
विधानसभा भ्रमण से एक रात पहले उपमुख्यमंत्री ने 150 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सलियों को नया रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास पर डिनर के लिए आमंत्रित किया था। इसे सरकार की पुनर्वास और विश्वास बहाली की पहल के रूप में देखा जा रहा है।










