रायपुर में चर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम होटल कारोबारी दीपक टंडन प्रकरण में अब जांच की गति तेज हो गई है। रायपुर पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और एडिशनल एसपी ग्रामीण कीर्तन राठौर को इस पूरे मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया
डीएसपी कल्पना वर्मा, उनके भाई राकेश वर्मा और पिता हेमंत वर्मा रायपुर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और अपना बयान दर्ज कराया। इससे पहले दीपक टंडन और उनकी पत्नी बरखा टंडन ने भी जांच अधिकारी के सामने अपने बयान दर्ज कराए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों से विस्तार से पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला स्पष्ट हो सके।
मामले का विवरण
दीपक टंडन का आरोप है कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच उन्होंने कल्पना वर्मा को लगभग 2 करोड़ रुपये नकद, एक हीरे की अंगूठी, सोने की चेन और एक कार दी थी। टंडन का दावा है कि यह सब व्यवसायिक लेन-देन और साझेदारी के आधार पर हुआ था, लेकिन अब इसे उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस जांच में अब तक यह मामला प्राथमिक तौर पर आपसी लेन-देन और कारोबारी विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। फिलहाल किसी भी पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
मामले की जड़
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में कल्पना वर्मा महासमुंद में डीएसपी के पद पर थीं, तब उनके एक बैचमेट ने उन्हें दीपक टंडन से मिलवाया। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ। माना में स्थानांतरण के बाद रिश्ते और अधिक नजदीकी में बदल गए।
विवाद वर्ष 2023 में सामने आया, जब रायपुर के रेस्टोरेंट ‘एटमास्फेरिया’ को लेकर लगभग 45 लाख रुपये की डील की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़े और मामला सार्वजनिक हो गया।
डीएसपी कल्पना वर्मा का पक्ष
कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला उन्हें बदनाम करने और छवि खराब करने की साजिश है। उन्होंने किसी भी तरह के गलत संबंध या अवैध पैसों के लेन-देन से इनकार किया और कहा कि वह पूरी जांच में सहयोग करेंगी।










