बिलासपुर (16 अप्रैल 2026): छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस की गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रतनपुर थाने में अपने केस की जानकारी लेने पहुंचे एक शख्स के साथ एएसआई ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उसे बेरहमी से पीट भी दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है।
क्या है पूरा मामला?
रतनपुर के बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल 12 अप्रैल को दोपहर करीब 2:30 बजे थाने पहुंचे थे। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने एएसआई दिनेश तिवारी से अपने केस की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का निवेदन किया था।
पीड़ित का आरोप है कि रिपोर्ट पेश करने के एवज में एएसआई द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। जब पीड़ित ने दबाव बनाया, तो एएसआई दिनेश तिवारी अपना आपा खो बैठे।
थाने के भीतर ‘गुंडागर्दी’
पीड़ित विनोद जायसवाल के अनुसार, एएसआई ने उन पर ताबड़तोड़ 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए। मारपीट के दौरान एएसआई चिल्लाते रहे— “बड़ा नेता है क्या? तेरी नेतागिरी निकाल दूंगा, जेल भिजवा दूंगा।” हैरानी की बात यह है कि थाने में अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
स्वास्थ्य मंत्री का रिश्तेदार है पीड़ित
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब यह खुलासा हुआ कि पीड़ित विनोद जायसवाल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के रिश्तेदार हैं। घटना की जानकारी मिलते ही ट्रेनी आईपीएस अंशिका जैन ने एसएसपी को रिपोर्ट सौंपी।
एसएसपी की बड़ी कार्रवाई
एसएसपी रजनेश सिंह ने अनुशासनहीनता और मारपीट के इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से एएसआई दिनेश तिवारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी एएसआई के खिलाफ उसी थाने (रतनपुर) में मारपीट का अपराध दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। मामले की उच्च स्तरीय विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।










