रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सीमेंट कंपनियों की मनमानी सामने आई है। सोमवार से प्रदेशभर में सीमेंट के दामों में सीधे 30 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्यों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
थोक और चिल्हर दोनों में बढ़े दाम
बढ़ोतरी के बाद अब सीमेंट के थोक दाम 260 से 340 रुपए प्रति बोरी तक पहुंच गए हैं, जबकि चिल्हर बाजार में कीमतें 300 से 350 रुपए तक हो गई हैं। सबसे महंगा नॉन-ट्रेड ओपीसी सीमेंट 310 रुपए से बढ़कर 340 रुपए हो गया है।
बड़े ब्रांड्स ने भी बढ़ाए रेट
कारोबारियों के मुताबिक, प्रमुख कंपनियों ने भी अपने दाम बढ़ाए हैं-
- अल्ट्राटेक: 270 से 300 रुपए
- एसीसी: 250 से 280 रुपए
- जेके लक्ष्मी: 230 से 260 रुपए
- नोवोको: 230 से 260 रुपए
सरकारी काम भी होंगे प्रभावित
बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष रूपेश सिंघल ने कहा कि नॉन-ट्रेड सीमेंट के दाम बढ़ने से सरकारी निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ेगा। पहले से ही निर्माण सामग्री महंगी हो चुकी है, ऐसे में यह बढ़ोतरी और बोझ बढ़ाएगी।
बिना कारण बढ़ रहे दाम
कारोबारियों का कहना है कि कंपनियां बिना ठोस कारण बताए दाम बढ़ा रही हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि अप्रैल के टार्गेट को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पहले भी हो चुका है विरोध
सीमेंट कंपनियों की इस मनमानी का विरोध पहले भी हो चुका है। सरकार ने कंपनियों के साथ बैठक कर दाम बढ़ाने से पहले जानकारी देने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
अन्य राज्यों में सस्ता, यहां महंगा
ठेकेदारों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों में भेजा जाने वाला नॉन-ट्रेड सीमेंट यहां के मुकाबले करीब 40 रुपए सस्ता मिलता है, जिससे स्थानीय ठेकेदारों में नाराजगी बढ़ रही है।










