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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन: तीन बड़ी शराब डिस्टिलरीज की जांच के लिए ‘कोर्ट कमिश्नर’ नियुक्त

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, जल निकायों के दूषित होने और सुरक्षा उपायों के कमजोर क्रियान्वयन को बेहद गंभीरता से लिया है। स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने एक बड़ा और कड़ा आदेश जारी किया है।

कोर्ट ने प्रदेश की तीन बड़ी शराब डिस्टलरीज के स्वतंत्र निरीक्षण के लिए दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं को ‘कोर्ट कमिश्नर’ नियुक्त कर दिया है। यह कमिश्नर वाइन कंपनियों और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड द्वारा कोर्ट में शपथ पत्र के माध्यम से दी गई जानकारियों की जमीनी हकीकत की पड़ताल करेंगे।

चीफ जस्टिस की बेंच ने जताई गहरी चिंता

सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने पर्यावरण संबंधी मापदंडों के लचर प्रवर्तन पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में मीडिया में प्रकाशित उन खबरों का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिनमें फैक्ट्रियों से निकलने वाले अनुपचारित औद्योगिक कचरे (Chemical Waste) के कारण स्थानीय नदियों और जलीय जीवन के नष्ट होने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

हाई कोर्ट का सख्त निर्देश:

“मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र तथ्यात्मक सत्यापन बेहद जरूरी है। कोर्ट कमिश्नर पर्यावरण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर इन इकाइयों का औचक निरीक्षण करें और 30 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट डिवीजन बेंच के समक्ष पेश करें।”


ये दो तेजतर्रार अधिवक्ता बने ‘कोर्ट कमिश्नर’

निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए हाई कोर्ट ने दो अधिवक्ताओं को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है:

  1. अधिवक्ता वैभव शुक्ला
  2. अधिवक्ता अपूर्वा त्रिपाठी

यह दोनों कमिश्नर सीधे फैक्ट्रियों के भीतर जाकर प्रदूषण नियंत्रण प्लांट, वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) और डिस्चार्ज सिस्टम की बारीकी से जमीनी जांच करेंगे।


हाई कोर्ट के रडार पर आई ये 3 बड़ी शराब फैक्ट्रियां

हाई कोर्ट ने जिन तीन बड़ी शराब विनिर्माता इकाइयों के औचक निरीक्षण और जांच के आदेश दिए हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • भाटिया वाइन मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड
  • वेलकम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड (छेरकाबांधा)
  • छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड

पर्यावरण बोर्ड का दावा: 2 को क्लीनचिट, ‘वेलकम डिस्टिलरीज’ पर गाज

सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

फैक्ट्री का नामपर्यावरण बोर्ड की रिपोर्ट/कार्रवाई
भाटिया वाइन मर्चेंट्सक्लीनचिट; परिसर के बाहर कोई गंदा पानी नहीं मिला, सिस्टम लिमिट में है।
छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीजक्लीनचिट; निरीक्षण के दौरान नियमों के मुताबिक संचालन पाया गया।
वेलकम डिस्टिलरीजदोषी पाई गई; अपशिष्ट जल उपचार सिस्टम बंद था, लैगून क्षतिग्रस्त थे और ऑनलाइन डेटा में गड़बड़ी थी। नवंबर 2025 में इस पर 54.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर इसे बंद करने के निर्देश दिए गए थे।

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