बस्तर। रेटावंड गांव में बाहरी पास्टर द्वारा कथित धर्म प्रचार को लेकर दो दिन से चल रहा विवाद बुधवार को बवाल में बदल गया। ग्रामीणों और पास्टर पक्ष के बीच मारपीट की स्थिति बन गई, जिससे गांव में तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
धर्म प्रचार के आरोप से भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, नवरंगपुर से आया एक परिवार पिछले कुछ समय से गांव में रह रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि यह परिवार बतौर पास्टर गांव में ईसाई धर्म का प्रचार कर रहा था, जिससे माहौल बिगड़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडे तक चलने की नौबत आ गई।
दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
एक पक्ष ने थाने पहुंचकर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि बाहरी व्यक्ति गांव में स्थायी रूप से न रहे और धर्म प्रचार जैसी गतिविधियां बंद हों, इसी मांग को लेकर विरोध किया गया।
थाने में बैठक के बाद बनी सहमति
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों, गांव के सरपंच, उपसरपंच और अन्य प्रमुख लोगों को थाने बुलाकर बैठक की। चर्चा के बाद सहमति बनी कि पास्टर किशोर भतरा अपनी बच्ची की परीक्षा समाप्त होने के बाद गांव छोड़ देगा।
गांव में फोर्स तैनात, स्थिति नियंत्रण में
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि दोबारा कोई तनाव की स्थिति न बने।










