Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

RTE दाखिले में कम हुई पालकों की रुचि, छत्तीसगढ़ में 9 हजार से ज्यादा सीटें खाली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत दाखिले की प्रक्रिया इस बार धीमी पड़ गई है। नियमों में बदलाव के बाद प्रदेश में आरटीई सीटों की संख्या 50 प्रतिशत से भी कम हो गई थी। विभाग को उम्मीद थी कि कम सीटों के कारण पहले चरण में ही सभी सीटें भर जाएंगी, लेकिन बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं। अब शिक्षा विभाग को तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करनी पड़ रही है।

आरटीई की खाली सीटों को भरने के लिए 22 जुलाई से दोबारा आवेदन मंगाए गए हैं। विभाग की अधिसूचना के अनुसार, अभिभावक 5 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। दस्तावेज सत्यापन के बाद 10 से 14 अगस्त के बीच लॉटरी निकाली जाएगी। चयनित बच्चों को 25 अगस्त तक स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।

नए नियमों से घटा पालकों का रुझान

आरटीई प्रवेश के नियमों में बदलाव के बाद अब केवल पहली कक्षा में ही प्रवेश दिया जा रहा है। नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 को आरटीई से बाहर कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इसी वजह से कई अभिभावक अब आरटीई दाखिले में पहले जैसी रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

राजधानी रायपुर में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन अन्य जिलों में विभाग को पर्याप्त प्रचार-प्रसार के बाद भी विद्यार्थियों को जोड़ने में परेशानी हो रही है।

राजनांदगांव में तीसरे चरण में सिर्फ 13 आवेदन

राजनांदगांव जिले में आरटीई प्रवेश की स्थिति चिंताजनक है। तीसरे चरण के लिए 104 खाली सीटों के मुकाबले अब तक केवल 13 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं दूसरे चरण में 126 रिक्त सीटों के लिए 705 आवेदन आए थे, जिसमें 37 बच्चों का चयन हुआ था।

अभिभावकों को पोर्टल पर निजी स्कूलों की खाली सीटों की जानकारी अपडेट नहीं होने के कारण आवेदन करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धमतरी में 119 सीटें खाली

धमतरी जिले में इस वर्ष आरटीई के तहत केवल 450 सीटें आरक्षित की गई थीं। इन सीटों के लिए 1235 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन दो चरणों में केवल 351 बच्चों का ही प्रवेश हो पाया। अभी भी 119 सीटें खाली हैं।

पहले चरण में 328 बच्चों ने प्रवेश लिया था, जबकि दूसरे चरण में बची 112 सीटों में से केवल 23 बच्चों का दाखिला हो सका। 33 ऐसे बच्चे भी हैं जिनका लॉटरी में चयन हुआ था, लेकिन अलग-अलग कारणों से प्रवेश नहीं हो पाया।

दुर्ग जिले में भी सैकड़ों सीटें खाली

दुर्ग जिले के 152 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1507 सीटें आरक्षित हैं। दो चरणों की प्रक्रिया के बाद अब तक 1044 बच्चों का प्रवेश हुआ है, जबकि 463 सीटें अभी भी खाली हैं।

पहले चरण में 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए थे, जिनमें से 946 बच्चों ने प्रवेश लिया। दूसरे चरण में 635 सीटों के लिए प्रक्रिया हुई, लेकिन 150 चयनित बच्चों में से केवल 98 ने ही दाखिला लिया।

प्रदेश में आरटीई की स्थिति

  • कुल स्कूल: 6857
  • आरटीई सीटें: 23119
  • कुल आवेदन: 39182
  • रिक्त सीटें: 9424

शिक्षा विभाग अब तीसरे चरण के माध्यम से खाली सीटों को भरने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, नियमों में बदलाव और अभिभावकों की कम होती रुचि विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Related Posts

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: विधानसभा से पास हुआ विधेयक; 15 लाख MSMEs को मिलेगी बड़ी राहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ उद्योग और निवेश के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा…

1 of 432