छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से जालसाजी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की खबर आई है। मगरलोड जनपद पंचायत के अंतर्गत साल 2007 में शिक्षाकर्मी भर्ती के दौरान फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर नौकरी पाने वाले 8 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत इन शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की प्रतियां निकाली गईं। जांच में पाया गया कि इन लोगों ने भर्ती के समय जाली प्रमाणपत्रों का उपयोग किया था।
शिक्षाकर्मी से प्रधान पाठक तक का सफर, अब सब खत्म
हैरानी की बात यह है कि ये सभी आरोपी पिछले 18 वर्षों से सरकारी वेतन और सुविधाओं का लाभ ले रहे थे। इस दौरान कई शिक्षकों का प्रमोशन भी हो चुका था और वे प्रधान पाठक (Headmaster) जैसे जिम्मेदारी वाले पदों पर पदस्थ थे। लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय (Directorate of Public Instruction) के कड़े रुख के बाद उनकी सारी सेवा शून्य कर दी गई है।
फर्जी भर्ती की लिस्ट लंबी, और भी गिर सकती है गाज
सूत्रों के अनुसार, धमतरी और आसपास के क्षेत्रों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वालों की फेहरिस्त काफी लंबी है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद उन लोगों में खौफ का माहौल है जो इसी तरह के गलत रास्तों से विभाग में शामिल हुए थे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।










