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“नंदनवन की पहचान नष्ट कर रही सरकार”, विकास उपाध्याय का भाजपा पर हमला

रायपुर। नंदनवन स्थित पक्षी विहार में लगातार बढ़ रही अव्यवस्था, पक्षियों की मौत और जीवों के अवैध स्थानांतरण की खबरों के बाद पूर्व विधायक विकास उपाध्याय शुक्रवार को मौके पर पहुँचे। उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण कर ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि 38 पक्षियों को बिना वैज्ञानिक प्रोटोकॉल और बिना विभागीय अनुमति के रातों-रात जंगल सफारी शिफ्ट कर दिया गया, जो वन्यजीव संरक्षण नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद उपाध्याय सीधे जंगल सफारी पहुँचे, जहाँ उन्होंने उन सभी पक्षियों की स्थिति का निरीक्षण किया जिन्हें नंदनवन से अवैध रूप से हटाकर भेजा गया था। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से इस शिफ्टिंग की प्रक्रिया, कारण और जिम्मेदारी पर स्पष्टीकरण मांगा। उपाध्याय ने कहा कि बिना अनुमिति की गई यह कार्रवाई पूरी तरह अवैधानिक है और इसमें शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

पूर्व विधायक ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- नंदनवन कभी छत्तीसगढ़ की पहचान हुआ करता था, लेकिन इसे जबरन पक्षी विहार बनाकर इसकी मूल पहचान खत्म कर दी गई। “यहाँ के बड़े जानवरों को अंबानी के वान्तारा जू भेज दिया गया और बाकी जीवों को जंगल सफारी शिफ्ट कर दिया गया।”
अब जो पक्षी विहार बचा था, उसे भी सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि चूहों के हमलों से पक्षियों की मौत, और अब बिना प्रोटोकॉल रातों-रात शिफ्टिंग, यह सब सरकार की लापरवाही का परिणाम है।

पूर्व विधायक ने सरकार से मांग की है कि नंदनवन में हो रही अव्यवस्था की हाई लेवल जांच कराई जाए। 38 पक्षियों के अवैध स्थानांतरण में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। नंदनवन की मूल पहचान को पुनः स्थापित किया जाए। संरक्षण स्थलों को निजी अथवा कॉर्पोरेट हितों के लिए समाप्त करने का प्रयास बंद किया जाए।

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